शिवपाल ने कहा- कोई नाराजगी नहीं, पर छोड़ दी लाल बत्ती की गाड़ी

नई दिल्ली (14 सितंबर): चाचा और भतीजे की लड़ाई इस कदर बढ़ गई है कि शिवपाल यादव ने नाराजगी में लाल बत्ती की गाड़ी छोड़ दी है। शिवपाल यादव को जेड सिक्योरिटी सुरक्षा मिली हुई है, लेकिन अब उनके साथ वो भी नहीं है। हालांकि इसके साथ ही शिवपाल यादव ने कहा कि कोई नाराजगी नहीं, सीएम का फैसला है, नेताजी जो कहेंगे वो करूंगा। प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी का साथ मंत्रालय भी संभालूंगा।

सूत्रों ने बताया कि यूपी सदन से लाल बत्ती लगी इनोवा गाड़ी पहुंची थी, लेकिन उन्होंने उसे वापस भेज दिया। शिवपाल अपने बेटे आदित्य यादव की मर्सडीज में बैठकर आए और गए।

क्या है मामला: अखिलेश चुनावों में जीत के लिए अपने विकास कार्य को आगे रखना चाहते हैं, जबकि शिवपाल समझते हैं कि गठबंधन को यूपी में विकास के अलावा जातिगत समीकरण में भी मजबूत करना जरूरी है। सोच का ये अंतर कब झगड़ा बन जाएगा, इसका इल्म मुलायम को भी नहीं था। तभी तो अपने घर पर मुलायम करीब 3 घंटे तक शिवपाल को मनाते रहे, क्योंकि वो जानते हैं कि शिवपाल की पार्टी कार्यकर्ताओं में क्या हैसियत है और उसका इशारा शिवपाल के समर्थन में हुई नारेबाजी भी देती है।