शिवसेना का बड़ा दांव, अगले राष्ट्रपति हों संघ प्रमुख मोहन भागवत

नई दिल्ली ( 27 मार्च ): राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत का नाम भी राष्ट्रपति पद के लिए आने लगा है। लेकिन ये सुनकर कोई भी अंचभित हो सकता है। भाजपा की सहयोगी पार्टी शिवसेना ने राष्ट्रपति के तौर मोहन भागवत का नाम उछालकर सबको चौंका दिया।

शिवसना के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के नाम को देश के अगले राष्ट्रपति के लिए उछाल कर सबको चौंका दिया है। संघ को अपना प्रेरणा स्रोत मानने वाली भाजपा भी इस बारे में न ही किभी कोई बात करती है और न ही कभी इस बारे में सोचती है। लेकिन शिवसेना की इस चाहत ने सबको चौंका दिया है।


संजय राउत ने कहा कि मोहन भागवत अगर देश के अगले राष्ट्रपति बनते हैं तो आगे हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना को साकार किया जा सकता है। अगला राष्ट्रपति जुलाई में होने वाला है।


संजय राउट ने कहा कि एक हिंदुत्ववादीवादी नेता (समर्थक) नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं। हाल ही में, एक और हिंदुत्ववादी नेता योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनाया गया। अगर एक हिंदू राष्ट्र का सपना पूरा करना है, तो भागवत को राष्ट्रपति बनाना चाहिए।


केंद्र और महाराष्ट्र सरकार में शामिल शिवसेना और भाजपा के बीच मतभेद इतने गहरा गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हालांकि इस दूरी को खत्म करने की पहल करते हुए शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे को एनडीए घटकों के डिनर में आमंत्रित किया है। माना जा रहा है कि यह भोज इस साल होने वाले राष्ट्रपति चुनाव की रणनीति के तहते किया जा रहा है।


शिवसेना के नेताओं ने कहा कि ठाकरे को शामिल होने का ऐसा कोई निमंत्रण नहीं मिला है। संजय राउत ने कहा कि "हमें प्रधानमंत्री या भाजपा से कोई निमंत्रण नहीं मिला है।


माना जा रहा था कि ठाकरे से मुलाकात के दौरान पीएम मोदी शिवसेना के साथ जारी गतिरोध को दूर करने की कोशिश करेंगे और राष्ट्रपति चुनाव को लेकर भी चर्चा होगी।