2019 में अकेले लड़ेंगे चुनाव नहीं चाहिए भाजपा का साथ: शिवसेना

नई दिल्ली (6 जून): आज भाजपा अमित शाह अपने रूठे हुए सहयोगियों को मनाने की राह पर निकले हैं लेकिन इस बीच उनकी संपर्क फॉर समर्थन यात्रा का पहला पड़ाव ही बेहद कठिन होने वाला है। शाह शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से बुधवार यानि कि आज में मिलने वाले हैं।लेकिन इससे ठीक पहले शिवसेना ने बीजेपी पर हमला बोला है। आपको बता दें कि पार्टी के मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में बीजेपी पर तीखे हमले किए गए हैं और दोहराया है कि 2019 के चुनाव पार्टी अकेले लड़ेगी। शिवसेना ने बीजेपी पर पालघर में हुए उपचुनाव साम-दाम-दंड-भेद से जीतने का आरोप लगाते हुए उसे किसानों और पेट्रोल के बढ़ते दामों जैसे मुद्दों पर घेरा है।गौरतलब है कि इससे पहले शिवसेना सांसद संजय राउत पहले कह चुके हैं कि मेहमान का स्वागत करना मातोश्री की परंपरा है लेकिन इस मुलाकात के लिए शिवसेना का अपना कोई अजेंडा नहीं है। उद्धव की शिकायत रही है कि बीजेपी सत्ता पाते ही शिवसेना के अहसानों को भूल गई है। अब देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा रुठी हुई शिवसेना को मनाने में कामयाब होती है या फिर शिवसेना 2019 की राजनैतिक राह पर अकेली ही चलेगी।