शिवसेना का निशाना- 'कबाड़खाने से ला कर अहलूवालिया को बना दिया मंत्री'

 

नई दिल्ली (6 जुलाई) :  मोदी मंत्रिमंडल में विस्तार और फेरबदल के एक दिन बाद शिवसेना ने बीजेपी पर निशाना साधा है। एनडीए में बीजेपी की सहयोगी शिवसेना ने कहा है कि इन दिनों मंत्री बनाने के लिए ऐसे क्षमतावान लोगों को ढूंढना मुश्किल हो गया है जैसे कि जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के मंत्रिमंडलों में हुआ करते थे।  

सामना में लिखा गया कि एचआरडी मंत्रालय को ये नाम पी वी नरसिम्हा राव की वजह से मिला था। मनमोहन सिंह की वजह से ही दुनिया को पता चला था कि भारत के पास वित्त मंत्री भी होता है। जवाहर लाल नेहरू या इंदिरा गांधी के मंत्रिमंडलों के सदस्यों जैसे लोग आज नहीं मिलते। ऐसे में मोदी के पास और कोई विकल्प नहीं कि वो कैबिनेट की पूरी ज़िम्मेदारी खुद ही लें।  

शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में लिखा, 'ये एनडीए का विस्तार नहीं बल्कि बीजेपी के मंत्रिमंडल का विस्तार है और बीजेपी ने ये विस्तार देश के अलग अलग राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को देख कर किया है।' शिवसेना ने कहा है कि उत्तर प्रदेश और पंजाब के चुनाव को देख कर कुछ लोगों को मौका दिया गया है। शिवसेना ने एस एस अहलूवालिया पर हमला करते हुए कहा कि वे कबाड़खाने में थे. उन्हें पंजाब का चुनाव देख कर आगे लाया गया है। अजय टम्टा को भी उत्तराखंड चुनाव के मद्देनजर मंत्री बनाया गया है।

 

अपना दल की सांसद अनुप्रिया पटेल के मंत्री बनने पर सामना में लिखा गया है कि यूपी चुनाव के मद्देनजर उन्हें ये कुर्सी जाति का गणित देख कर दी गई है। दिल्ली के विजय गोयल को इसलिए केंद्रीय मंत्री बनाया गया है ताकि केजरीवाल सरकार का सिर दर्द बढ़ा सकें। वहीं, शपथ में रामदास अठावले द्वारा नाम भूल जाने पर शिवसेना ने कहा कि अठावले के साथ ये सब होता रहता है और साथ ही कहा कि अठावले को इसलिए बीजेपी ने मंत्री बनाया है ताकि यूपी और मुंबई महानगर पालिका चुनाव में दलित वोटों को रुझाया जा सके।