शिंज़ो आबे को मिला बहुमत, 70 साल बाद अब होगा जापान के संविधान मेंं संशोधन

नई दिल्ली (11 जुलाई): जापान में ऊपरी सदन की आधी सीटों के मतदान के बाद प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे की पार्टी ने दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया है। प्रधानमंत्री शिंज़ो आबे को अब जापान के संविधान में संशोधन करन का अधिकार प्राप्त हो गया है। चीन की बढ़ती ताक़त के मद्देनज़र शिंज़ो आबे यह संकेत दे चुके हैं कि जापान को ज़्यादा सक्रिय सैन्य भूमिका निभानी चाहिए। हालांकि उन्होंने इस बात के संकेत भी दिए हैं कि वो संविधान संशोधन के लिए कोई जल्दबाज़ी नहीं करेंगे। उन्होंने अपनी आर्थिक नीतियों को अपने चुनाव प्रचार का आधार बनाया था।

जापानी संसद के उच्च सदन में 242 सीटें हैं जिनमें से 121 पर मतदान हुआ है। सदन की बाक़ी आधी सीटों में से आबे की पार्टी पहले से ही 77 पर क़ाबिज़ है। माना जाता है कि शिंज़ों आबे संविधान के अनुच्छेद 9 में बदलाव लाना चाहते हैं। संविधान में संशोधन के बाद हिस्सा जापान को विदेशी धरती पर अपनी सेनाएं भेज सकेगा। 70 साल पहले दूसरे विश्व युद्ध में हार के बाद अमरीका ने जापान पर शांतिवादी संविधान थोपा था। जापान में कुछ लोग इस प्रतिबंध को सही नहीं मानते हैं।