यूपी में कांग्रेस ऐसे दिखाएगी शीला का 'दम'

नई दिल्ली (14 जुलाई): यूपी के महाभारत में शीला दीक्षित को एक खास प्लानिंग के तहत कांग्रेस ने मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी को भरोसा है कि दिल्ली में बतौर सीएम शीला दीक्षित का काम यूपी के लोगों को कांग्रेस की ओर लाने में मददगार साबित होगा।

कांग्रेस ने शीला दीक्षित के चेहरे पर भरोसा किया और उन्हें यूपी में पार्टी का सीएम उम्मीदवार घोषित कर दिया। कांग्रेस दिल्ली में बतौर मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के काम का यूपी में फायदा लेना चाहती है। शीला का यूपी कनेक्शन पुराना है। वैसे तो शीला पंजाबी हैं, जो कपूरथला में पैदा हुईं। लेकिन उनकी शादी यूपी के ब्राह्मण नेता उमाशंकर दीक्षित के बेटे से हुई। इस लिहाज से शीला यूपी की बहू हैं। 

कांग्रेस को क्या होगा फायदा

* यूपी की बहू और ब्राह्मण होने का फायदा मिलेगा * उनके 15 साल के राज में दिल्ली का तेजी से विकास हुआ वह दिखाने योग्य   * यूपी के शहरी वोटरों को कांग्रेस अपनी ओर खींच सकती हैं * शीला दीक्षित की एक कड़क प्रशासन की छवि है * यूपी के कन्नौज से सांसद रह चुकी हैं। मतलब, यूपी के लिए नई नहीं हैं। 

शीला की कमजोरी

शीला के पास कुछ ऐसी चीजें भी हैं। जो शायद उनके पक्ष को कमजोर करती हैं। मसलन 

* पंजाब के कपूरथला की बेटी हैं, ऐसे में यूपी के वोटर बिदक सकते हैं।  * उम्र भी अब 78 साल हो चुकी है। यानी युवाओं को शायद कांग्रेस की ओर न खींच पाएं।  * दिल्ली में रहते यूपी से कनेक्शन कटा  * विकास कामों के बावजूद दिल्ली में कांग्रेस की शर्मनाक हार * दिल्ली के टैंकर घोटाले में शीला दीक्षित का नाम 

मतलब, यूपी के महाभारत में शीला दीक्षित की राह इतनी आसान भी नहीं है। एक पंजाब की बेटी और फिर दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री को यूपी के लोगों को बार-बार याद दिलाना होगा कि वो यूपी की बहू हैं।