परीक्षाएं नहीं छोड़ी, एक्ज़ॉम हॉल में ही दिया बेटे को जन्म

नई दिल्ली(27 अप्रैल): झारखण्ड की एक लड़की पढ़-लिख कर खुद अपने पैरों पर खड़ी होना चहाती थी, मगर पढ़ाई के बीच में मां-बाप ने शादी कर दी। फिर भी उसने हार नहीं मानी। उसने पढाई जारी रखी। घर का काम-काज संभालती और कॉलेज भी जाती। वो गर्भवती हो गयी, और एक्जाम के बीच डिलीवरी की डेट्स थी। आमतौर पर गर्भवती महिलाएं इस समय घर से बाहर नहीं निकलती हैं लेकिन, परीक्षाएं नहीं छोड़ी।

इस हिम्मती लड़की का नाम है भारती है। वो गिरीडीह जिले के बिरनी ब्लॉक के जीतकुण्डी गांव से राजधनवार आदर्श कॉलेज में रोज बीए फाइनल इयर की परीक्षा देने आती है। कल यानी मंगलवार को भी वो एक्ज़ाम देने पहुंची। एक्ज़ाम शुरु होते ही भारती को 'लेबरपेन' शुरु हो गया। को परीक्षा हॉल में कॉपियां बांटते समय किलकारी गूंजी।  जच्‍चा-बच्‍चा दोनों स्‍वस्‍थ हैं। कॉलेज के टीचर्स ने आनन-फानन में एक्ज़ाम हॉल के बाहर व्यवस्था की और एंबुलेंस के लिए फोन किया लेकिन एम्बुलेंस के आने से पहले ही भारती ने बेटे को जन्‍म दिया। उसके बाद उसे नर्सिंग होम ले जाया गया।