शावना पांड्या अंतरिक्ष में जाने वाली होंगी तीसरी भारतीय महिला

नई दिल्ली ( 9 फरवरी ): शावना पांड्या अंतरिक्ष में उड़ान भरनेवाली भारतीय मूल की तीसरी महिला होंगी। शावना पेशे से न्यूरोसर्जन है। शावना से पहले भारीतय मूल की  ने ये कारनामा कर दिखाया है। शावना कनाडा की अल्बर्टा यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में जनरल फिजीशियन हैं। वह दो अंतरिक्ष अभियान के लिए एस्ट्रोनॉट के तौर पर तैयारी कर रही हैं।

शावना 3200 लोगों में सिलेक्ट हुए दो कैंडिडेट्स में शामिल हैं। जिन्हें सिटीजन साइंस एस्ट्रोनॉट (CSA) प्रोग्राम के तहत स्पेस में जाने का मौका मिलेगा। अलगे साल शुरू होने वाले मिशन में कुल 9 एस्ट्रोनॉट शामिल रहेंगे। वे इन दिनों मुंबई के महालक्ष्मी में अपने परिजनों से मिलने के लिए आई हुई हैं।

शावना का जन्म कनाडा में हुआ और उनकी उम्र 32 साल है। शावना का अंतरिक्ष अभियान 2018 में शुरू होगा। यूनिवर्सिटी ऑफ अल्बर्टा से न्यूरोसाइंस में B.Sc के बाद इंटरनेशनल स्पेस यूनिवर्सिटी से स्पेस साइंस में M.Sc और फिर मेडिसिन में एमडी किया।

शावना हिंदी के अलावा वे फ्रेंच और इंग्लिश लैंग्वेज में एक्सपर्ट हैं। शावना एक ओपेरा सिंगर, ऑथर और इंटरनेशनल ताइक्वांडो चैंपियन भी हैं। जिन्हें एक बार नेवी सील के साथ थाईलैंड में ट्रेनिंग का मौका मिला। अपने अभियान के बारे में शावना का कहना है कि वे वहां बायो मेडिसिन और मेडिकल साइंस के एक्सपेरीमेंट्स करेंगी।