शत्रु संपत्ति विधेयक के लिए संयुक्त सत्र बुलाने पर विचार

नई दिल्ली (9 फरवरी): शत्रु संपत्ति विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार संसद का संयुक्त सत्र बुलाने पर विचार कर रही है। इसके लिए कई बार अध्यादेश जारी किया जा चुका है और राष्ट्रपति ने नाराजगी भी जताई थी।

- शत्रु संपत्ति विधेयक पारित कराने के लिए संसद का संयुक्त सत्र बुलाने पर विचार

- राज्य सभा में अटका हुआ है बिल

- कॉंग्रेस, लेफ़्ट, जेडीयू के विरोध के चलते नहीं पारित हो पाया

- पाँच बार अध्यादेश लाने से राष्ट्रपति हुए थे नाराज़

- चीन पाकिस्तान के नागरिकों की भारत में संपत्ति शत्रु संपत्ति

- शत्रु संपत्ति कानून से ऐसी संपत्ति पर केंद्र सरकार का क़ब्ज़ा

- सुप्रीम कोर्ट ने राजा महमूदाबाद की संपत्ति लौटाई जिसके बाद अध्यादेश हुआ जारी

क्या है शत्रु संपत्त‍ि विधेयक...इसमें प्रावधान है कि भारत सरकार विभाजन के समय या 1962, 1965 और 1971 युद्ध के बाद चीन या पाकिस्तान पलायन करके वहां की नागरिकता लेने वाले लोगों की संपत्ति जब्त कर लेगी। भारत में रह रहे उनके उत्तराधिकारियों का भी उनकी छूटी संपत्ति पर कोई अधिकार नहीं रहेगा। इससे मुख्य रूप से मुस्लिम समुदाय प्रभावित हो रहा है। विवाद कानून में ‘शत्रु’ की परिभाषा को लेकर भी है।