कोच नहीं बनाए जाने से निराश शास्त्री ने कहा...

नई दिल्ली (25 जून): टीम इंडिया के कोच नहीं बनाए जाने पर रवि शास्त्री बोर्ड ने निराशा जाहिर करते हुए कहा कि इंटरव्यू के दौरान गांगुली नहीं थे। कुंबले शॉर्टलिस्ट किए गए 21 लोगों में शामिल नहीं थे। उसके बाद भी गांगुली के दबाव में उन्हें चुना गया।

शास्त्री ने मीडिया से कहा, "मैंने टीम डायरेक्टर के रूप में 18 महीने काफी मेहनत की थी, फिर भी मुझे हेड कोच के रूप में नहीं चुना गया। मुझे जब यह खबर मिली तो मैं काफी निराश हुआ। मैं निराश हूं, लेकिन मेरी अनिल कुंबले को शुभकामनाएं हैं। मैं अब कमेंटरी की दुनिया में लौटने का विचार कर रहा हूं। मेरा इंटरव्यू शाम को 5 से 6 बजे के बीच हुआ था। इंटरव्यू के दौरान सचिन, वीवीएस लक्ष्मण और संजय जगदाले थे। गांगुली नहीं थे। मेरी मीटिंग काफी अच्छी रही। वे टीम को लेकर मेरी प्लानिंग के बारे में जानना चाहते थे। मैंने हर सवाल का जवाब दिया।"

कोच सिलेक्शन कमेटी में सचिन, वीवीएस लक्ष्मण, सौरव गांगुली और संजय जगदाले थे। इंटरव्यू के समय वीवीएस लक्ष्मण और संजय ताज बंगाल होटल में थे। सचिन स्काइप के जरिए लंदन से जुड़े। शास्त्री बैंकॉक में थे और वे भी वीडियो लिंक के जरिए जुड़े। गांगुली मीटिंग रूम से बाहर चले गए। उस वक्त फोन कॉल्स भी उन्होंने नहीं उठाए।

आपको बता दें कि सौरव गांगुली और रवि शास्त्री के रिश्ते कभी अच्छे नहीं रहे। बताया जाता है कि सौरव कतई नहीं चाहते थे कि शास्त्री कोच बनें। एक साल पहले गांगुली टीम डायरेक्टर की दौड़ में रवि शास्त्री से पिछड़ गए थे। इसके बाद गांगुली की पूरी कोशिश रही कि शास्त्री को दूसरा मौका न मिले। जब गांगुली की जगह शास्त्री को टीम का कोच बनाया गया, तब यह खाई और चौड़ी हो गई। हेड कोच के सिलेक्शन के दौरान जब शास्त्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपना प्रेजेंटेशन दे रहे थे, तब सौरव नदारद थे।