आज अधूरी ही रही शशिकला के मुख्यमंत्री बनने की हसरत

केजे श्रीवत्सन, चेन्नई (7 फरवरी): राज्यपाल विद्या सागर राव के अचानक मुंबई चले जाने के चलते तमिलनाडु में शशिकला की ताजपोशी रूक गई है। उधर DMK ने राष्ट्रपति और केंद्रीय गृह मंत्री से मिलकर सुप्रीम कोर्ट का फैसले आने तक शशिकला के शपथ ग्रहण नहीं करवाए जाने के लिए दिल्ली में डेरा डाल दिया है। वही AIADMK के कई बड़े नेताओ ने भी शशिकला के खिलाफ अब मोर्चा खोल दिया है, जिससे उनकी मुश्किल बढ़ गई है।

आनन-फानन में AIADMK की महासचिव बनने के बाद रविवार को शशिकला पार्टी के विधायक दल की नेता तो बन गई, लेकिन अभी मुख्यमंत्री बनने का उनका सपना आसानी से पूरा होता नहीं दिख रहा है। शशिकला ने मंगलवार का दिन शपथ ग्रहण के लिए तय किया था और इसके लिए चेन्नई यूनिवर्सिटी के भव्य ऑडीटोरियम को भी चुना गया। लेकिन उस वक़्त सभी तैयारियां धरी की धरी रह गई जब राजभवन की तरह से सूचना आ गई कि राज्यपाल के चेन्नई में नहीं होने के चलते यह कार्यक्रम नहीं हो सकता।

जानकारों की माने तो विधायक दल की नेता चुन लिए जाने के बावजूद भी शशिकला को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने में राज्यपाल जल्दबाजी नहीं करना चाहते, क्योंकि आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट अगले हफ्ते अपना फैसला सुनाने वाला है, जिसमे जयलालिता के साथ शशिकला भी प्रमुख आरोपी है। ऐसे में यदि फैसला उलटा आ जाता है तो शायद तमिलनाडु राजनितिक कुछ और करवट ले सकती है

यही कारण है कि राज्यपाल ने लगातार तीसरी बार इस्तीफा देकर स्टेंडबाय मुख्यमंत्री कहलाने वाले मुख्यमंत्री पन्निरसेलवम के इस्तीफे को तो स्वीकार कर लिया, लेकिन शशिकला को नया मुख्यमंत्री बनाने पर जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लिया। कहा यह भी जा रहा है कि राज्यपाल विद्या सागर राव ने इस मुद्दे पर अटॉर्नी जनरल से भी सलाह लेकर क़ानूनी दांव-पेंचों को समझने की कोशिश की है।