'टीम इंडिया को भारत में हराना बेहद कठिन चुनौती'

नई दिल्ली(27 मार्च): ऑस्ट्रेलियाई के ऑलराउंडर शेन वॉटसन ने कहा कि भारत को उसकी धरती पर हराना काफी कठिन चुनौती है लेकिन उनकी टीम टी20 क्रिकेट विश्व कप में इस ‘नॉकआउट’ मुकाबले के लिए तैयार है। है। उन्होंने कहा कि हमें पता है कि भारत को हराने के लिए हमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। भारतीय टीम अद्भुत है और उसे उसकी धरती पर हराना काफी कठिन चुनौती है।

उन्होंने कहा कि यह मेरा आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच भी हो सकता है लिहाजा मेरे लिए यह काफी बड़ा मैच है। अच्छी बात यह है कि हम पाकिस्तान के खिलाफ अच्छा खेले थे। वॉटसन ने कहा कि भारतीय टीम अभी तक अपनी क्षमता के अनुरूप नहीं खेल सकी है लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि भारत के खिलाफ खेलना हमेशा चुनौतीपूर्ण है। वॉटसन ने कहा कि बांग्लादेश अगर पिछला मैच जीत जाता तो हमें इतनी चिंता नहीं होती। भारत के खिलाफ भारत में खेलना किसी भी प्रारूप में चुनौतीपूर्ण है। अगर आप भारतीय टीम को उसकी मांद में खदेड़ सके तो यह बड़ी उपलब्धि है। सभी खिलाड़ियों को इसका इल्म है और मुझे तो बखूबी पता है क्योंकि मैने यहां काफी खेला है।

टूर्नामेंट में अभी तक भारत के प्रदर्शन के बारे में उन्होंने कहा कि भारत अभी तक अपनी क्षमता के अनुरूप नहीं खेल सका है लेकिन हालात भी कठिन रहे हैं। ऐसे हालात में कोई भी टीम जूझती नजर आएगी। गेंद काफी टर्न ले रही है। उन्होंने कहा कि मोहाली में गेंद उतना टर्न नहीं ले रही थी लेकिन उनके पास सक्षम बल्लेबाज और गेंदबाज हैं। अचानक ही वे बेहतरीन खेलकर पासा पलट सकते हैं और जब ऐसा होता है तो उन्हें हराना नामुमकिन हो जाता है। टी20 विश्व कप के बाद क्रिकेट को अलविदा कहने जा रहे शेन वॉटसन ने कहा कि 2013 के भारत दौरे पर एक टैस्ट मैच का निलंबन उनके करियर का सबसे खराब दौर था।

वॉटसन को उस समय जेम्स पेटिंसन, मिशेल जॉनसन और उस्मान ख्वाजा के हैदराबाद टैस्ट में मिली हार के बाद ‘होमवर्क’ नहीं करने के कारण स्वदेश भेज दिया गया था। भारत ने चार मैचों की सीरीज में ऑस्ट्रेलिया का सफाया कर दिया था। वॉटसन ने कहा कि वह मोहाली में ही हुआ था। अच्छी बात यह है कि हम चंडीगढ़ में होटल में रुके थे और उन कमरों की बुरी यादें मेरे जेहन में है। वे अच्छी यादें नहीं है। होमवर्क नहीं करने के कारण एक टेस्ट का निलंबन झेलना पड़ेगा, यह मैने कभी नहीं सोचा था।