नवाज की कुर्सी जाने पर शहबाज शरीफ बन सकते हैं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री

नई दिल्ली (13 जुलाई): पनामा मामले में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ अपने परिवार समेत फंसे हैं। पनामा मामले में फंसने के बाद नवाज शरीफ की प्रधानमंत्री कुर्सी जाने की आशंकाएं जो पकड़ रही हैं। इन सबके बीच पाकिस्तान के राजनीतिक गलियारों में प्रधानमंत्री के तौर पर उनके उत्ताधिकारी के बारे में भी चर्चाएं होने लगी हैं।

मंगलवार को संयुक्त जांच दल(जेआईटी) ने सुप्रीम कोर्ट में अंतिम रिपोर्ट सौंप दी। जिसके बाद नवाज शरीफ ने सबसे पहले पंजाब के सीएम और अपने भाई शहबाज शरीफ को मीटिंग के लिए बुलाया था। इस अति महत्वपूर्ण मीटिंग में पंजाब के सीएम के अलावा उनकी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के कई बड़े नेता भी मौजूद थे। आज भी नवाज ने अपने कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई है और इस बैठक में पनामा मामले पर चर्चा होने की संभावना है।

संयुक्त जांच दल की ओर से सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद की परिस्थितियों को लेकर चर्चा के लिए नवाज ने यह मीटिंग बुलाई थी। इस मीटिंग में शहबाज शरीफ को बुलाए जाने के बाद से ही उनके नवाज के उत्तराधिकारी बनने के कयास लग रहे हैं। पाकिस्तान के प्रतिष्ठित अखबार 'डॉन' की खबर के मुताबिक शरीफ परिवार में वह सबसे बड़े खिलाड़ी के तौर पर उभरे हैं। इसकी वजह यह है कि नवाज शरीफ अपनी बेटी और बेटों समेत पनामागेट मामले में फंसते नजर आ रहे हैं।

पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के एक वरिष्ठ ने कहा, 'शहबाज शरीफ फिलहाल अपनी चालें बेहद संभालकर चल रहे हैं। संकट की इस घड़ी में वह अपने भाई के साथ खड़े हैं। इसके अलावा वह उन चीजों पर भी ध्यान दे रहे हैं, जो उनके लिए मायने रखती हैं।' उन्होंने कहा, 'पार्टी में इस बात को लेकर खूब चर्चाएं चल रही हैं कि नवाज शरीफ को अयोग्य ठहराए जाने की स्थिति में शहबाज उनके उत्तराधिकारी हो सकते हैं। अब सवाल है कि पंजाब का मुख्यमंत्री कौन होगा। लेकिन, शहबाज भले ही पीएम हो जाएं, लेकिन वह पंजाब को अपने हाथ से फिसलने नहीं देना चाहेंगे।

हालांकि पीएमएल-एन के नेता ने सवाल खड़े करते हुए कहा, 'सबसे अहम सवाल यह है कि क्या पार्टी की लीडरशिप उनका नेतृत्व चुपचाप स्वीकार कर लेगा और केंद्र में उन्हें बड़ी भूमिका अदा करने देगा। या फिर 2018 के आम चुनाव तक के लिए किसी और व्यक्ति को पीएम की भूमिका में चुनेगा।'