खुलेआम घूम रहा शहाबुद्दीन का आरोपी शूटर, जानिए, पुलिस क्यों नहीं कर पा रही गिरफ्तार

नई दिल्ली (15 सितंबर): शहाबुद्दीन पर शिकंजा कसता जा रहा है, वहीं उसका गुर्गा यानि शूटर कैफ मीडिया के सामने खुलकर बोल रहा है। लेकिन वो पुलिस की फाइल में भगोड़ा घोषित है। हम बात कर रहे उसी शूटर कैफ की जिसकी तलाश बिहार पुलिस को महीनो से है। जिसके खिलाफ रंगदारी के एक मामले में वारंट जारी हो चुका है, जिसपर पत्रकार राजेदव हत्याकांड में शामिल होने का आरोप है। लेकिन पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पा रही है, आखिर क्यों?

बिहार पुलिस के सामने ये शूटर एक पहेली बन चुका है। ये हर जगह दिखाई पड़ता है, इसकी तस्वीरें कैमरे में कैद होती है। जो शहाबुद्दीन के साथ भागलपुर से लेकर प्रतापपुर तक साए की तरह खड़ा रहता है। मीडिया के सामने बोलती भी है वो पुलिस की फाइल में भगोड़ा है या जब पुलिस की नींद खुलती है तो गायब हो जाता है। पुलिस वारंट लेकर ढूंढती है और ये चैनलों पर अपनी बेगुनाही के किस्से सुनाता है।

ये वही शातिर आरोपी मोहम्मद कैफ है जिसकी तलाश पुलिस को महीने से है। इसके खिलाफ रंगदारी का मामला दर्ज है इसके खिलाफ पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या में शामिल होने का आरोप है। इसके खिलाफ लूट का मामला दर्ज है लेकिन पुलिस इसे पकड़ नहीं पा रही है। पुलिस की माने तो मोहम्मद कैफ की गिरफ्तारी के लिए एढ़ी चोटी की जोर लगा दी है लेकिन पुलिस फाइल में भगोड़ा ये शूटर हर जगह मौजूद है।

हर जगह दिखने वाले कैफ को पुलिस पकड़ने में अबतक नाकाम रही है।  पुलिस ने मो. कैफ उर्फ बंटी के घर पर गैर जमानती वारंट की कॉपी चस्पा कर दी। और आज पुलिस कोर्ट में कुर्की जब्ती के लिए आवेदन देगी। कोर्ट से आदेश मिलते ही कुर्की जब्ती होगी। भले ही मोहम्मद कैफ को पुलिस तलाश नहीं कर पा रही हो लेकिन कैफ तो हर जगह अपनी बेगुनाही पर बयान दे रहा है।

शूटर कैफ के समर्थन में कैफ का पूरा परिवार खड़ा हो गया है। कैफ की मां, कैफ की बहन ने कैफ के बेकसूर बताने का बेड़ा उठा लिया है और पुलिस एक्शन के खिलाफ बयानबाजी कर रही हैं।

मोहम्मद कैफ ने बचने के लिए कई तस्वीरें भी जारी की हैं। कैफ ने पत्रकार राजदेव के साथ भी एक तस्वीर जारी किया जिसमें कैफ की शादी में दोनों साथ खड़े हैं। इसके अलावा धोनी और दूसरे बड़े क्रिकेटरों के साथ तस्वीरें भी सामने लाया। कैफ का कहना है कि पत्रकार राजदेव रंजन को वो बड़ा भाई मानता था।

आरोपी बचने के हर हथकंडे अपना रहा है लेकि पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पा रहा है। ये 21वीं सदी के पुलिस के ढूंढने का तरीका है या फिर सियासी दबाव में पुलिस के काम करने का तरीका, ये इन तस्वीरों और बयानों से साफ हो रहा है। लेकिन कैफ पर शिकंजा कसते हुए केद्र सरकार ने भी पत्रकार राजदेव हत्याकांड की जांच का जिम्मेदारी सीबीआई को सौप दिया है और जल्द ही टीम सीवान के लिए रवाना होगी।

अब सवाल ये उठता है कि शहाबुद्दीन के साथ जब कैफ था तो पुलिस ने क्यों नहीं पकड़ा? नेताओं के साथ तस्वीरें खिंचवा रहा था तो पुलिस ने क्यों नहीं पकड़ा? कैफ हर जगह मौजूद रहने के बावजूद पुलिस गिरफ्त से बाहर क्यों है? 

जिस शूटर को पुलिस महीने से तलाश कर रही है वो शूटर हर जगह मौजूद है। बिहार पुलिस निकम्मी है या फिर सियासी दबाव जो पुलिस को काम करने से रोक रहा है या फिर नीतीश के सुशासन की लगाम अब नीतीश के हाथ फिसल गई है।