11 साल बाद जेल से छूटे मर्डर केस के दोषी शहाबुद्दीन, कहा- मेरे नेता नीतीश नहीं, लालू

नई दिल्ली(10 सितंबर): बिहार के भागलपुर के कैंपजेल के तृतीय खंड में बंद राजद के पूर्व सांसद मो. शहाबुद्दीन शनिवार सुबह रिहा हो गए। जेल से बाहर आकर शहाबुद्दीन ने कहा कि कोई मुझसे डरा हुआ नहीं है। मुझे आतंक का पर्याय कहना गलत है। 13 साल बाद अपने घर जा रहा हूं। पिछले 10 साल से मैंने किसी से मुलाकात नहीं की है और न कोई पब्लिक मीटिंग की है। 
 
- पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड मामले में शहाबुद्दीन ने कहा कि यह मामला किसी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से आया था वहीं बताएंगे या CBI बताएगा। शहाबुद्दीन ने कहा कि वह घर जाने के बाद राजदेव के परिवार से मिलेंगे।
 
- शनिवार सुबह करीब 7:15 बजे शहाबुद्दीन जेल से बाहर आए। इस मौके पर हजारों की तादात में उनके समर्थक जेल के पास जुटे थे। जैसे से शहाबुद्दीन गेट से बाहर आए भगदड़ मच गई। उनके पास जाने के लिए लोग आगे बढ़ने लगे। इस दौरान कुछ मीडियाकर्मियों के कैमरे गिर गए और उन्हें हल्की चोट भी आई। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस ने हल्के बल का प्रयोग किया। हाथों में बधाई का पोस्टर लिए लोग शनिवार सुबह से ही जेल के पास खड़े थे। शहाबुद्दीन यहां से 38 गाड़ियों के काफिले के साथ सीवान के लिए चले हैं। उनके साथ हजारों लोग भी हैं।
 
11 साल बाद जेल से रिहा हुए शहाबुद्दीन
 
- 11 साल बाद शहाबुद्दीन जेल से रिहा हुए। वह नवंबर 2005 से जेल में बंद थे। उन्हें सीवान में हुए तेजाब कांड में जमानत मिली है। शहाबुद्दीन की रिहाई को लेकर कई समर्थक शुक्रवार को ही भागलपुर पहुंच गए थे। सीवान में जेल में जनता दरबार लगाने और पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या की घटना के बाद शहाबुद्दीन को 19 मई को सीवान जेल से भागलपुर विशेष केंद्रीय कारा में शिफ्ट किया गया था। इसके बाद से लगातार पौने चार माह शहाबुद्दीन भागलपुर जेल में रहे।