शहाबुद्दीन के डर से सुरक्षा बढ़ाई

पटना (13 सितंबर): बाहुबली शहाबुद्दीन को 13 साल बाद जमानत मिलने के साथ ही बिहार की राजनीति में भूचाल मच गया है। शहाबुद्दीन के जेल से बाहर आते ही सिवान पुलिस ने पत्रकार राजदेव रंजन और चन्दा बाबू के परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी है। हालांकि दोनों परिवारों को पहले भी सुरक्षा मुहैया कराई गई थी, लेकिन पहले उन्हें एक बॉडीगार्ड दिया हुआ था, जिनकी संख्या अब बढ़ाकर अब चार कर दी गई है।

कौन हैं चंदा बाबू: - 16 अगस्त 2004 को सीवान के गोशाला रोड में रहने वाले कारोबारी चंद्रकेश्वर प्रसाद (चंदा बाबू) के दो बेटों सतीश और गिरीश का अपहरण हुआ था। - सतीश और गिरीश के बड़े भाई राजीव रोशन ने गवाही दी कि शहाबुद्दीन की मौजूदगी में उसके दोनों भाइयों को तेजाब में डुबोकर मार डाला गया था। - हाईकोर्ट के आदेश पर शहाबुद्दीन के खिलाफ मामले की सुनवाई शुरू हुई। इसी बीच, 16 जून 2014 को अहम गवाह राजीव की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसमें शहाबुद्दीन के साथ उनका बेटा ओसामा भी आरोपी है।

कौन हैं राजदेव रंजन: - बिहार के सीवान जिले में पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या कर दी गई थी। - हत्या में शहाबुद्दीन की भूमिका होने का आरोप है। पुलिस ने इस मामले में 5 शूटरों को गिरफ्तार किया था। - पूछताछ में इन्होंने लड्डन मियां नाम लिया था। पता चला था कि लड्डन मियां के कहने पर ही शूटरों ने पत्रकार को गोली मारी थी। - लड्डन मियां को बाहुबली शहाबुद्दीन का करीबी माना जाता है। लड्डन मियां ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था।