2002 का वो गुमनाम खत जिसके कारण कटघरे में आए बाबा राम रहीम

नई दिल्ली(25 अगस्त): डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम साध्वी से यौन शोषण के आरोपों का सामना कर रहे हैं। पंचकूला की सीबीआई अदालत आज इस पर फैसला सुनाएगी। साध्वी से यौन शोषण के साथ ही 2 हत्याओं को लेकर भी शक की सुई डेरे की ओर है। इस मामले की भी सुनवाई अंतिम चरण में है और जल्द ही फैसला आ सकता है।

- उत्तर-पश्चिमी भारत में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह राम रहीम एक बड़ी ताकत हैं। 1948 में बने डेरा सच्चा सौदा की स्थापना करने वाले शाह सतनाम सिंह मस्ताना की विरासत को राम रहीम ने अपने कार्यकाल में कई गुना बढ़ा दिया है। उनके पास अनुयायियों की बड़ी संख्या है और राजनीति में गहरी पैठ है। 1990 में डेरे की गद्दी संभालने वाले गुरमीत सिंह राम रहीम आज फिल्मस्टार, कार के शौकीन, सफल उद्यमी और देश-विदेश में फैली संपत्ति के मालिक है। 

- मई 2002 में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत सिंह पर उनकी एक साध्वी ने यौन शोषण का आरोप लगाया। साध्वी ने एक गुमनाम पत्र प्रधानमंत्री को भेजा गया जिसकी एक कॉपी पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भी भेजी गई। 

- इस मामले पर कार्रवाई की जा रही थी कि 10 जुलाई 2002 को डेरा सच्चा सौदा की प्रबंधन समिति के सदस्य रहे रणजीत सिंह की हत्या हो गई। डेरे को शक था कि कुरुक्षेत्र के गांव खानपुर कोलियां के रहने वाले रणजीत ने अपनी ही बहन से वह पत्र प्रधानमंत्री को लिखवाया है। 

- रणजीत की बहन डेरे में साध्वी थी और उसने पत्र लिखे जाने से पहले डेरा छोड़ दिया था। रणजीत की उस समय हत्या हुई जब वह अपने घर से कुछ ही दूरी पर जीटी रोड के साथ लगते अपने खेतों में नौकरों के लिए चाय लेकर जा रहे थे। हत्यारों ने अपने गाड़ी को जीटी रोड पर खड़ा रखा और गोलियों से भूनने के बाद फरार हो गए। चर्चा रही कि रणजीत सिंह ने डेरे के कई तरह के भेद खोलने की धमकी दी थी। 

- 24 अक्टूबर 2002 को सिरसा के सांध्य दैनिक 'पूरा सच' के संपादक रामचंद्र छत्रपति पर कातिलाना हमला किया गया। छत्रपति को घर के बाहर बुलाकर पांच गोलियां मारी गईं। बताया जाता है कि साध्वी से यौन शोषण और रणजीत की हत्या पर खबर प्रकाशित करने की वजह से संपादक पर हमला किया गया। आरोप लगे कि मारने वाले डेरे के आदमी थे। 25 अक्टूबर 2002 को घटना के विरोध में सिरसा शहर बंद रहा। 21 नवंबर 2002 को सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की दिल्ली के अपोलो अस्पताल में मौत हो गई।