होटलों में की गई छापेमारी, आपत्तिजनक हालत में मिले जोड़े

पीयूष गौड, गाजियाबाद (21 मार्च): दिल्ली से सटे गाजियाबाद में पुलिस के अचानक से एक्शन में आने से चर्चाओं का बाजार गर्म है। यहां दो होटलों पर छापा मारकर सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया गया है। लंबे समय से चल रहे काले धंधे पर अचानक हुई कार्रवाई को यूपी में नई सरकार के आने का नतीजा माना जा रहा है।


बजरिया घंटाघर इलाके के देवेंद्र होटल और आर्यदीप होटल पर पुलिस ने छापा मारकर वहां आपत्तिजनकर हालत में मौजूद 50 जोड़ों को हिरासत में ले लिया। इन होटलों में लंबे समय से गलत धंधा चलने की बात सामने आई है। जिसके चलते आसपास रहनेवालों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। आसपास से गुजरने वाली लड़कियों पर फब्तियां कसी जाती थीं, गंदे कमेंट किए जाते थे। इसके चलते वो घर से निकलने में भी हिचकने लगी थीं। लिहाजा एसएसपी ने इस रेड को प्लान किया। खास बात ये है कि इस कार्रवाई से लोकल थाने की पुलिस को दूर रखा गया था।


जिन होटलों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनमें से एक समाजवादी पार्टी के नेता का होटल बताया गया है। दोनों ही होटलों के मालिक फरार हैं। एक होटल में गाजियाबाद के एसएसपी रहे और फिलहाल नोएडा में तैनात धर्मेंद्र यादव की तस्वीर भी मिली है। दोनों होटलों को सील कर दिया गया है। इस कार्रवाई लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। इसे नई सरकार के आने से जोड़कर देखा जा रहा है।


दरअसल बीजेपी ने चुनाव के दौरान एंटी रोमियो स्क्वायड बनाने का वादा किया था। माना जा रहा है कि ये उसी की शुरुआत है। सोमवार को ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद के डीएम और एसएसपी से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात भी की थी। इसी दौरान लापरवाह पुलिसवालों के खिलाफ कार्रवाई भी की गई। बजरिया चौकी इंचार्ज राकेश कुमार को सस्पेंड कर दिया गया। जबकि सर्किल ऑफिसर इंदरपाल सिंह को भी हटा दिया गया है। कोतवाली पुलिस इंचार्ज के खिलाफ भी जांच के आदेश दिए गए हैं।


सीएम योगी आदित्यनाथ जिले के अधिकारियों के संपर्क में हैं। सूत्रों की मानें तो वो हर लापरवाही पर जवाब मांग रहे हैं। ये शायद इसी का नतीजा है कि पुलिस अब एक्शन में नजर आ रही है।