ऑस्ट्रेलिया में 'सेक्स पार्टी' भी चुनाव मैदान में, शनिवार को वोटिंग

नई दिल्ली (29 जून) :  ऑस्ट्रेलिया की राजनीति में लिबरल पार्टी और लेबर पार्टी का ही दबदबा रहा है। शनिवार को ऑस्ट्रेलिया में होने जा रहे मतदान में वोटर्स के सामने इन पार्टियों के अलावा भी बहुत सारे विकल्प होंगे। इनमें एक सेक्स पार्टी है तो एक पार्टी ऐसी है जो सिर्फ कारों के शौकीनों के लिए है। एक और पार्टी ऐसी है जिसने अपनी कोई नीति ना होने का एलान किया है। एक मारिजुआना पार्टी भी है।

माइकल टर्नबुल की लिबरल पार्टी या बिल शॉर्टन की लेबर पार्टी किसके हाथ सत्ता लगेगी ये देखना दिलचस्प होगा। लेकिन ऊपरी सदन में सत्ता का संतुलन छोटे पार्टी गठबंधनों के हाथ रहेगा। इसका अर्थ ये है कि किसी बिल पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में सहमति नहीं बनती तो इन छोटे पार्टी गठबंधनों का वोट निर्णायक रहेगा।

टर्नबुल को निर्धारित समय से पहले ही चुनाव का फैसला लेना पड़ा। इसकी वजह छोटी पार्टियों का उस बिल को पास कराने में नाकाम रहना रहा जो कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री के लिए वॉचडॉग बनाने से संबंधित था।

चुनाव में ऑस्ट्रेलियन सेक्स पार्टी भी मैदान में है। इस पार्ट का गठन 2009 में हुआ था। इस पार्टी को बनाने का उद्देश्य सरकार की ओर से वयस्क नागरिक अधिकारों में अतिक्रमण का विरोध करना है। 6000 सदस्यों वाली इस पार्टी ने अपनी संभावनाओं को बढ़ाने के लिए मारिजुआना पार्टी के साथ हाथ मिलाया है। ये दोनों पार्टियां विक्टोरिया और न्यू साउथ वेल्स को छोड़ सभी राज्यों में अपने साझा उम्मीदवार खड़े करेंगी।

बता दें कि 2013 के चुनाव में छोटी पार्टियों ने 15 फीसदी वोट हासिल किए थे। ऑस्ट्रेलिया में कॉम्पलेक्स ट्रांसफेरेबल बैलेट सिस्टम इस्तेमाल होता है। इसमें वोटर्स पार्टियों और उम्मीदवारों को रैंक करती हैं।

विक्टोरिया राज्य के ऊपरी सदन में सेक्स पार्टी सांसद फिओना पैटेन के मुताबिक पारंपरिक रूप से उनके समर्थन युवा वोटर हैं। फिओना के मुताबिक औषिधीय मारिजुआना को वैधता देने की मांग करने वालों का भी उन्हें समर्थन मिलेगा।