10 साल हुआ 'सेक्सुअल अब्यूज़', इंजेक्शन के ज़रिए दी गई 'इच्छामृत्यु'

नई दिल्ली (11 मई): नीदरलैंड में यौन शोषण की पीड़ित को इच्छामृत्यु की मंजूरी देने के बाद लाइलाज़ जिंदगी से आज़ाद कर दिया गया। पीड़ित को लीथल इंजेक्शन के जरिए इच्छामृत्यु दी गई।

ब्रिटिश अखबार 'द इंडिपेंडेंट' की रिपोर्ट के मुताबिक, पीड़ित युवती की उम्र बीस साल ही थी। उसके नाम का खुलासा नहीं किया गया है। उसके साथ पांच साल से पंद्रह साल की उम्र तक सेक्सुअल अब्यूज़ हुआ था। डच युथेनेशिया कमिशन की तरफ से जारी कागजों में इसकी जानकारी दी गई है।

इस अब्यूज़ का नतीजा यह हुआ कि वह पोस्ट-ट्रॉमैटिक-स्ट्रैस डिसऑर्डर (पीटीएसडी) से पीड़ित हो गई। इसके अलावा सेवेयर एनोरेक्सिया जैसी बीमारियों ने भी उसे घेर लिया। इसके अलावा उसे गंभीर अवसाद और दौरे पड़ने की भी समस्या हो गई।

सघन उपचार के बाद उसकी मानसिक हालत में थोड़ा बहुत सुधार भी हुआ। लेकिन डॉक्टरों का मानना है कि उसकी कई समस्याएं ऐसी हैं, जिनका इलाज नहीं हो सकता। इसलिए दो साल पहले उसकी अपनी जिंदगी खत्म करने के फैसले को मंजूरी दे दी।

इस खबर के यूरोप में फैलने के बाद विवाद फैल गया है। जहां अभी भी सहायता से मृत्यु दिए जाने पर विभाजिक राय बनी हुई है।

विकलांग लोगों के हकों के लिए काम करने वाले एक समूह डिस्टेंट व्वाइसेस ने कहा, "यह डरावना और चिंताजनक दोनों ही है। क्योंकि, मानसिक स्वास्थ्य के प्रोफेशनल्स युथेनेशिया को किसी भी तरीके से विकल्प बना सकते हैं, वो भी सेक्सुअल अब्यूज़ के गहरे और जटिल घावों के लिए।"