बेनामी संपत्ति वालों होशियार, हो सकती है 7 साल की कैद !

नई दिल्ली (4 मार्च): आयकर  विभाग ने बेनामी संपत्ति मालिकों के खिलाफ कार्रवाई की पूरी तैया करी ली है। बेनामी संपत्ति एक्ट के तहत जो लोग भी बेनामी ट्रांजेक्शन कर रहे हैं और बेनामी संपत्ति के मालिक हैं उनको सात साल की सश्रम कैद हो सकती है। इसके अलावा अन्य उल्लंघन करने वालों पर आयकर की अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई होगी। कई बड़े अखबारों के दैनिकों ने बेनामी ट्रांजेक्शन को लेकर एक विज्ञापन छापा है, जिसमें कहा गया कि बेनामी संपत्ति ट्रांजेक्शन एक्ट 1988 अब 1 नवंबर 2016 से लागू हो गया है।

विज्ञापन में कहा गया कि कालाधन मानवता के खिलाफ है। हम सभी नागरिकों से अनुरोध करते हैं कि इसे दूर करने में सरकार की मदद करें।इसके अनुसार नए एक्ट में कहा गया है कि जो लोग बेनामी संपत्ति रखने वाले (बेनामीदार) हैं,और जो हिताधिकारी हैं या वो जो ऐसा करने के लिए उकसाते हैं उन्हें सात साल का सश्रम कारावास हो सकता है

इसके साथ ही ऐसी संपत्ति रखने वालों को संपत्ति के बाजार मूल्य का 25 फीसदी तक जुर्माना भी झेलना पड़ सकता है। एक्ट के मुताबिक जो व्यक्ति अथॉरिटीज को  संपत्ति के संबंध में गलत जानकारी देते हैं उन्हें भी पांच साल की सजा और बेनामी संपत्ति का 10 प्रतिशत तक जुर्माना झेलना पड़ सकता है।