7 साल की बच्ची ने गूगल में नौकरी मांगी, CEO सुंदर पिचाई ने दिया जवाब

नई दिल्ली(16 फरवरी): आपसे में बहुत से लोग बच्चों से पूछते होंगे कि बड़े होकर क्या बनोगे। इसके बाद आप उनके जवाब का इंतजार करते होंगे। किसी का सपना डॉक्टर, किसी का इंजीनियर तो किसी का पायलट बनने का होता है। लेकिन इन सबके के बीच एक साल की बच्ची ने गूगल में काम करने की इच्छा जताई है।

- इंग्लैंड की रहने वाली क्लोइ ने गूगल के बॉस सुंदर पिचाई को लेटर लिख बताया है कि वह क्यों गूगल में काम करना चाहती हैं। हाथ से लिखे लेटर में क्लोइ ने बताया कि उन्हें कंप्यूटर चलाना आता है और वह ऐसी जगह पर काम करना चाहती है जहां बैठने के लिए बीन बैग्स होते हैं और गो-कार्ट (इलेक्ट्रिक गाड़ी) भी। क्यूट बात यह है कि सुंदर पिचाई ने क्लोइ को जवाब भी भेजा।

- मेरा नाम क्लोइ है और जब में बड़ी हो जाउंगी तो मैं गूगल में जॉब चाहती हूं। मैं चॉकलेट फैक्टरी और ओलिंपिक में तैराकी भी करना चाहती हूं। मेरे पापा ने बताया कि गूगल में, मैं बीन बैग्स में बैठ सकती हूं और इलेक्ट्रिक गाड़ी में घूम सकती हूं। मुझे कंप्यूटर पसंद है मेरे पास एक टैबलेट भी है। मेरे पापा ने मुझे एक गेम दिया है जिसमें मुझे रोबॉट चलाना होता है। पापा ने कहा कि वह मुझे कंप्यूटर भी देंगे। मैं 7 साल की हूं और मेरे टीचर्स ने ममा से कहा है कि मैं पढ़ने में अच्छी हूं। पापा कहते हैं कि अगर मैं पढ़ने में अच्छी रही तो मुझे एक दिन गूगल में जॉब मिल सकती है। मेरा लेटर पढ़ने के लिए थैंक्यू। मैंने केवल एक बार ही लेटर भेजा है वह भी पापा को क्रिसमस पर।

गुड बाय

क्लोइ ब्रिजवॉटर

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 क्लोइ को पिछले महीने लेटर का जवाब भी मिला और वह भी सुंदर पिचाई के सिग्नेचर के साथ। पिचाई ने लिखा, 'अच्छी बात है कि तुम्हें कंप्यूटर्स और रोबॉट पसंद हैं। उम्मीद है तुम टेक्नॉलजी के बारे में पढ़ती रहोगी। मुझे लगता है कि अगर तुम मेहनत करती रहोगी तो तुम गूगल में काम भी कर पाओगी और ओलिंपिक में तैरीक भी। स्कूल खत्म करने के बाद मुझे तुम्हारी जॉब ऐप्लिकेशन का इंतजार रहेगा।'

- क्लोइ के पिता ने लिंक्डइन पर लेटर को शेयर करते हुए लिखा, 'कुछ साल पहले कार से टकराने के बाद से क्लोइ काफी डरी हुई रहती थी। पिचाई के लेटर का क्लोइ पर काफी अच्छा प्रभाव पड़ा है। अब क्लोइ स्कूल में अच्छा करना चाहती है ताकि गूगल में काम कर पाए। मैं सोच भी नहीं सकता कि इतने बिजी रहने वाले पिचाई एक बच्ची के सपनों के लिए समय निकालेंगे।'