हिंदू युवक की जान बचाने के लिए अपनी किडनी दान करेंगे केरल के यह पादरी

नई दिल्ली (29 मई): केरल के एक कैथोलिक पादरी ने समाज में उदारता और मानवता का एक बेहतरीन उदाहरण पेश किया है। इस पादरी ने एक 30 वर्षीय हिंदू युवक की जान बचाने के लिए अपनी किडनी दान करने का फैसला किया है। बीमार युवक की किडनी खराब हो चुकी हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, पाला डायोसीश के सहायक विशप जैकब मुरिकन शुक्रवार को कोट्टयाम गवर्मेंट मेडिकल कॉलेज की ऑथराइजेशन कमिटी के सामने पेश हुए। जिससे ई सूरज को उनकी एक किडनी दान करने के लिए सभी वैधानिक औपचारिकताओं को पूरा किया जा सके।

किडनी फेडरेशन चेयरमैन फादर डेविस चिरामल ने कहा, "ऐसा शायद इतिहास में पहली बार हो रहा है जब एक सेवारत विशप एक कीमती जीवन को बचाने के लिए अपनी एक किडनी दान कर रहा है।"

चिरामल ने बताया कि केरल में बीमार व्यक्ति की अंग प्रत्यारोपण की सर्जरी एर्नाकुलम के लेकशोर हॉस्पिटल में एक जून को होगी। उन्होंने कहा, "सूरज एक बेहद गरीब परिवार से ताल्लुक रखता है। वह परिवार का इकलौता कमाने वाला है। परिवार में उसकी मां और पत्नी हैं। चार साल पहले उसके पिता की मौत हो गई थी। इसके अलावा भाई की मौत दिल का दौरा पड़ने से हो गई थी।"

प्रीस्ट ने कहा, "सूरज की दुखभरी दास्तां सुनने के बाद, विशप ने अपनी किडनी इस हिंदू नौजवान को देने का फैसला किया। हम उदार लोगों से इस ट्रांसप्लांट सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देने के लिए पैसा इकट्ठा करना चाहते हैं।"

मुरिकन को पलाई में 2012 में सहायक विशप घोषित किया गया था।