बजट 2017: 18 फीसदी तक बढ़ सकता है सर्विस टैक्स

नई दिल्ली (20 जनवरी): एक फरवरी को पेश किये जाने वाले बजट में सरकार सर्विस टैक्स को 18 फीसदी तक बढ़ा सकती है। फिल्हाल सर्विस टैक्स 15 फीसदी वसूला जाता है। ऐसा माना जा रहा है कि एक जुलाई से जीएसटी लागू होने के बाद सभी तरह के सेवा शुल्क स्वतः बढ़ जायेंगे।

 इस लिए कहा जा रहा है कि बजट में बढ़ाये गये सर्विस टैक्स से मिलने वाली रकम से सरकार कुछ हद तक राजस्व घाटे की भरपायी करेगी। जीएसटी लागू होने के बाद सर्विस टैक्स राज्य और संघीय सरकारके बीच बराबर विभाजित होगा। जीएसटी के बराबर सर्विस टैक्स होजाने का फायदा उपभोक्ताओँ को भी मिलेगा।

 वित मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में गठित जीएसटी काउंसिल ने टैक्स को चार श्रेणियों में रखा है। पहली श्रेणी पर 5 फीसदी, दूसरी पर 12, तीसरी श्रेणी के उपभोक्ताओं पर 18 और चौथी श्रेणी के लक्जरी या प्रतिबंधित श्रेणी जैसे तंबाकू इत्यादि पर 28 फीसदी जीएसटी लगाने का प्रस्ताव है। बताया गया है कि 12 और 18 फीसदी वाली श्रेणी अधिकांश करयोग्य वस्तुएं समाहित हो जाएंगी।