7thपे कमीशन: नियम बदले बिना इंक्रीमेंट रोकना मुश्किल...

नई दिल्ली (28 जुलाई): वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 7th पे कमीशन की सिफारिशों पर अमल के नोटिफिकेशन में कहा है कि काम न करने वाले इम्प्लॉइज को सालाना इंक्रीमेंट नहीं मिलेगा। पर यह इतना आसान भी नहीं होगा, क्योंकि मौजूदा नियमों के तहत ऐसा करना मुमकिन नहीं होगा। इसके लिए सरकार को नियम बदलने पड़ेंगे।

सरकार नोटिफिकेशन के जरिए बदल सकती है रूल... - यह बेहद मुश्किल काम है। हालांकि सरकार चाहेगी तो नोटिफिकेशन लाकर रूल बदल सकती है। पर अचानक से इसे लागू नहीं किया जा सकता है। - इससे कामकाज सुधरेगा। पर किसी का इवेल्यूएशन एक साल में नहीं हो सकता है। इसमें कम से कम 7-8 साल लगते हैं। - यह तय करना कि किस ने काम किया और किसने नहीं, मुश्किल है। हालांकि, इस रूल से निचले स्तर के इम्प्लॉइज कम ही प्रभावित होंगे। डायरेक्टर और ऊपर के ऑफिसर्स पर ज्यादा असर होगा। इनके काम का अब भी कई तरह से इवेलुएशन होता है। - अचानक से किसी का इंक्रीमेंट रोकना नेचुरल जस्टिस के नियम के खिलाफ भी होगा। इससे कोर्ट केस भी बढ़ेंगे। ऐसे में नए नियम बनाकर उन्हें नोटिफाई भी करना होगा। - नया सिस्टम लागू हुई तो काम करने का माहौल बदलेगा। - लेकिन यदि किसी को अगर यह कहना है कि आप काम नहीं करते हैं तो उसे बताना होगा कि आप कैसे काम नहीं कर रहे।

उसे जवाब का अवसर देना होगा।