J&K: अलगाववादी नेता मसर्रत आलम को बेल, फैसले में ये बोले जज

नई दिल्ली(26 मई): देशद्रोह के आरोपी जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता मसर्रत आलम को एक लोकल कोर्ट ने बेल दे दी। आलम को बेल देते वक्त कोर्ट ने कहा कि यहां अबुगरिब या गुआंतानामो जेल जैसे हालात सहन नहीं किए जा सकते। कोर्ट ने पुलिस को भी फट कार लगाई। 

आलम को रिहाई से पहले दो बॉन्ड भरने को कहा गया है। दोनों ही बॉन्ड दो-दो लाख रुपए के हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कोर्ट में आलम को बेल देने का विरोध किया। इस पर कोर्ट ने कहा कि आप उसे गैर कानूनी से तरीके से जेल में नहीं रख सकते।

चीफ ज्युडिशयल मजिस्ट्रेट मसर्रत रूही ने कहा कि लंबे वक्त से इस राज्य में अबुगरिब और गुआंतानामो बे जैसे हालात हैं। और इसे ज्यादा सहन नहीं किया जा सकता। कम से कम तब तो बिल्कुल नहीं जब इस तरह के मामले कोर्ट के सामने आएं।

बता दें कि अबुगरिब और गुआंतानामो बे दो जेलों के नाम हैं। 9/11 हमले के बाद अमेरिका ने इन जेलों को शुरू किया था। इनमें ज्यादातर कैदी वो हैं जिन्होंने अमेरिकी या नाटो फौज के खिलाफ जंग में हिस्सा लिया है या वो जो अमेरिका का हिंसक विरोध करते हैं। 

कोर्ट ने आलम को बार-बार हिरासत में रखने पर भी सवाल उठाए।  कोर्ट ने कहा कि आप उसे कितनी बार 90 दिन के लिए जेल भेजेंगे। अगर वो दोषी है तो सरकार को इसे प्रूव करने दीजिए और फिर कोर्ट उसे जुर्म के हिसाब से सजा देगी। 

जज ने ये भी कहा कि अगर वो देशद्रोह का आरोपी है तो कानून अपना काम करेगा। लेकिन संविधान ने उसे इंसाफ पाने के भी अधिकार दिए हैं, इसे नकारा नहीं जा सकता।