रहील शरीफ को लेकर पाकिस्तान में बवाल, सीनेट प्रमुख ने किया जवाब-तलब

नई दिल्ली (12 जनवरी): सऊदी अरब के नेतृत्व वाली 34 मुस्लिम देशों की संयुक्त सेना की कमान संभालने वाले जनरल रहील शरीफ के खिलाफ अब पाकिस्तान  में ही विरोध शुरु हो गया है। पाकिस्तान के सीनेट के प्रमुख रज़ा रब्बानी ने सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने पाकिस्तान के क़ानून मंत्री से भी मांग की है कि वह संसद में आकर पूरा ब्योरा दें कि किन परिस्थितियों में जनरल रहील शरीफ को विदेशी सेना का कार्यभार संभालने की इजाजत दी गयी। पाकिस्तान के सेना प्रमुख होने के नाते राहील शरीफ़ को परमाणु प्रतिष्ठानों की रक्षा की ज़िम्मेदारी भी दी गई थी और वह देश के महत्वपूर्ण रहस्यों से अवगत हैं। इस लिए उनका सऊदी अरब के सैनिक गठबंधन की कमान संभालना ख़तरनाक है। यही वजह है कि जनता और राजनैतिक स्तर पर इस मुद्दे का विरोध किया जा रहा है। 

सेना के पूर्व प्रमुख जनरल असलम बेग और जनरल तलअत मसऊद ने कहा कि जनरल राहील शरीफ़ का क़दम बहुत बड़ी ग़लती है। इस क़दम से इस्लामी जगत में पाकिस्तान की छवि ख़राब होगी। राहील शरीफ़ ने उस सैनिक गठबंधन की कमान संभाली है कि जिसके खिलाफ अप्रैल 2015 में देश की सेना ने एक प्रस्ताव पारित करके देश को गठबंधन में शामिल होने से रोक दिया था। पाकिस्तान में यह क़ानून भी है कि सेना से रिटायर होने वाला अफ़सर दो साल तक कोई सरकारी और सैनिक पद नहीं संभाल सकता। इसलिए यह सवाल उठता है कि पाकिस्तान की सरकार ने सऊदी अरब से किन विशिष्टताएं लेकर अपने क़ानूनों की अनदेखी की है।