मिलिये, ये हैं जीसस क्राइस्ट के स्वंयभू अवतार इनरी क्रिस्टो

नई दिल्ली (24 दिसंबर): ब्राजील के रहने वाले 67 साल के इनरी क्रिस्टो खुद को जीसस बताते हैं।ब्रिटेन और फ्रांस समेत दुनियाभर में उनके सैकड़ों फॉलोअर्स हैं। इनमें से बहुत से फॉलोअर्स ब्रासीलिया के पास उनके चर्च में उनके साथ रहते हैं।

- इनरो खुद को जीसस का पुर्नजन्म बताते हैं और उन्हें धार्मिक कार्यक्रमों में रेगुलर देखा जाता है।

- उनके मुताबिक, पहली बार उन्हें 1979 में चिली के सैन्टियागो में इस बात का अहसास हुआ कि वो खुद जीसस हैं।

- वो कहते हैं कि बचपन से ही उनका मन में एक पावरफुल आवाज को फॉलो कर रहा है, लेकिन इसका अहसास उन्हें चिली में हुआ।

- जीसस के पुर्नजन्म होने के चलते ही उन्होंने इनरो नाम रखा, क्योंकि ये जीसस के क्रूसिफिकेशन वाले क्रॉस पर लिखा था।

- ये एक लैटिन शब्द है, जिसका मतलब अंग्रेजी में जीसस होता है। वहीं क्रिस्टो का मतलब क्राइस्ट है।

- वो ब्रासीलिया के पास अपना खुद का चर्च 'सॉस्ट' चलाते हैं और इसे वो न्यू येरूशलम बताते हैं।

- उनके साथ चर्च में रहने वालों फॉलोअर्स में ज्यादातर महिलाएं हैं। इनमें कुछ की उम्र 86 साल तक है।

- चर्च में रहने वाली उनकी सबसे कम उम्र की फॉलोअर 24 साल की है। ये पहली बार दो साल की उम्र में इनरो से मिली थी।

- इनरो के मुताबिक, वो और उनके फॉलोअर्स चर्च के गार्डन में लगे फल और सब्जियां खाकर ही पेट भरते हैं।

- 1979 से अब तक इनरी 27 देशों का सफर कर चुके हैं। उन्हें 40 बार अरेस्ट कर ब्रिटेन और अमेरिका जैसे देश से निकाला जा चुका है।

- उन्हें जीसस के जैसी ड्रेसिंग के साथ ही पूंजीवाद, अबॉर्शन और क्रिसमस को लेकर नजरिए के चलते अरेस्ट किया जा चुका है।

- इनरो के मुताबिक, वो जीसस का पुर्नजन्म हैं, इसलिए वो क्रिसमस सेलिब्रेट से इनकार करते हैं।

- उनके मुताबिक, क्रिसमस सिर्फ एक दिन है, जिस पर कुछ अमीर लोग गरीबों को अपमानित करते हैं।