पाकिस्तान को सख्त संदेश, शांति के रास्ते पर अकेले नहीं चल सकता भारत

नई दिल्ली (17 जनवरी): प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली में आयोजित दूसरे 'रायसीना डायलॉग' का उद्धाटन किया। इस सम्मेलन में 65 देशों के 250 से भी ज्यादा प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इस सम्मेलन में साइबर सुरक्षा के साथ-साथ कई चुनौतियों और कई रणनीति के मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी ने दूसरे 'रायसीना डायलॉग' में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत शांति के पथ पर अकेला नहीं चल सकता। पाकिस्तान अगर भारत के साथ वार्ता चाहता है तो उसे आतंकवाद का रास्ता छोड़ना पड़ेगा।

पीएम ने कहा कि अगर पाकिस्तान भारत से बातचीत करना चाहता है तो उसे आतंकवाद से दूर चलना चाहिए। मैं खुद लाहौर गया, लेकिन भारत अकेला शांति के रास्ते पर नहीं चल सकता। पीएम ने कहा कि हम पड़ोसियों से अच्छे संबंध चाहते हैं। पिछले ढाई साल में हमने शांति के लिए काम किया है। अफगानिस्तान में इसकी मिसाल देखी जा सकती है। पीएम मोदी ने कहा कि पड़ोसियों से अच्छे संबंधों के लिए ही मैंने अपने शपथ-ग्रहण समारोह में सार्क देशों को न्योता भेजा था।

उन्होंने कहा कि दुनिया महत्वपूर्ण बदलावों से गुजर रही है और हमारे सामने मौजूद चुनौतियां मूलरुप से राज्येत्तर तत्वों की देन हैं। पीएम ने कहा कि अलग तरह की दुनिया के लिए बनाए गए संस्थान और स्थापत्य पुराने होते लग रहे हैं जिससे बहुपक्षवाद को प्रभावी ढंग से अमल में लाने में बाधा पैदा हो रही है।