सेबी के फैसले के बाद अब म्यूचुअल फंड में निवेश करना होगा सस्ता

नई दिल्ली (28 मार्च): स्टॉक मार्केट में बड़े रिफॉर्म लागू करने की दिशा में सेबी ने बुधवार को कोटक पैनल की 80 सिफारिशों में से 40 को बिना बदलाव किए स्वीकार कर लिया। वहीं 15 सिफारिशों को भी कुछ बदलाव के साथ स्वीकार कर लिया गया। बुधवार को सेबी बोर्ड की हुई मीटिंग में ये फैसला लिया गया।

सेबी बोर्ड ने म्युचुअल फंड पर एक्जिट लोड में 0.15 फीसदी की कटौती करने को मंजूरी दे दी है। जिसके बाद इन्वेस्टर्स के लिए म्युचुअल फंड में निवेश करना सस्ता हो जाएगा। इस प्रकार जल्द ही म्युचुअल फंड पर एक्जिट लोड 0.20 फीसदी से घटकर 0.05 फीसदी रह जाएगा। सेबी चीफ त्यागी ने कहा कि इससे इन्वेस्टमेंट कॉस्ट में कमी लाने में मदद मिलेगी।

इसके अलावा सेबी चीफ ने कहा कि लिस्टेड कंपनियों में डायरेक्टर्स की संख्या अधिकतम 7 होगी। इस नॉर्म्स को 1 अप्रैल, 2020 से लागू किया जाएगा। सेबी ने कहा कि उसकी टेकओवर रेग्युलेशंस में बदलाव की योजना है। इसके तहत एंटिटीज को ओपन ऑफर प्राइस बढ़ाने के लिए अतिरिक्त समय दिया जा सकता है। त्यागी ने कहा कि लिस्टेड कंपनियों को डायरेक्टर्स और ऑडिटर्स की पूरी डिटेल भी एक्सचेंज को देनी होगी। सेबी चीफ ने कहा लिस्टेड कंपनियों को डायरेक्टर्स और ऑडिटर्स की पूरी डिटेल भी एक्सचेंज को देनी होगी।

इसके अलावा सेबी ने सीएमडी पोस्ट पर बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि अब मार्केट वैल्यु के लिहाज से टॉप 500 लिस्टेड कंपनियों को सीएमडी यानी चेयरमैन और एमडी/सीईओ की पोस्ट को दो भागों में बांटनी होगी। इस फैसले के बाद अब इन कंपनियों में कोई एक व्यक्ति सीएमडी नहीं होगा। इसके अलावा कंपनी के बोर्ड में इंडिविजुअल डायरेक्टर्स की हिस्सेदारी घटाकर 8 फीसदी कर दी गई है, जो फिलहाल 10 फीसदी है।