कहां गया वायुसेना का विमान?

नई दिल्ली (23 जुलाई): 30 घंटे से ज्यादा वक्त बीत जाने के बाद भी अभी तक भारतीय वायुसेना के लापता विमान का कोई पता नहीं चल पाया है। बचाव और राहत अभियान का मुआयना करने खुद रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर चेन्नई गए। नौसेना के निगरानी विमान से रक्षा मंत्री ने समंदर में सबसे बड़े तलाशी अभियान का एरियल सर्वे किया।

दो दिन बीत गए, लेकिन भारतीय वायुसेना के विमान एएन 32 और उसमें सवार 29 लोगों का कोई सुराग नहीं मिला। लापता विमान के लिए समंदर में सबसे बड़ी तलाश की जा रही है। वक्त गुज़रता जा रहा है और लापता विमान के बारे में कोई पुख्ता सुराग नहीं मिल रहा। नेवी और कोस्ट गार्ड अपनी पूरी ताकत के साथ विमान का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। इस पूरे सर्च ऑपरेशन पर नजर रखने के लिए खुद रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर शनिवार को चेन्नई के थंबरम पहुंचे।

बंगाल की खाड़ी के ऊपर से लापता हुए भारतीय वायुसेना के विमान AN-32 की तलाश आज दूसरे दिन भी जारी है। चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर के लिए रवाना हुए एयरफोर्स के विमान AN-32 लापता होने के बाद रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर खुद तलाशी अभियान की निगरानी कर रहे हैं। तांब्रम एयरबेस से नेवल एयरक्राफ्ट पी-8 पर सवार होकर रक्षा मंत्री पर्रिकर ने सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन का एरियल सर्वे किया।

विमान में चालक दल के छह सदस्य, वायुसेना, सेना, नौसेना और तटरक्षक बल के 15 जवान और जवानों के परिवार के आठ अन्य सदस्य सवार थे। 33 स्क्वाड्रन के एएन-32 विमान ने चेन्नई के तंबारम वायुसेना स्टेशन से सुबह 8.30 बजे उड़ान भरी थी और इसे 11.30 बजे अंडमान निकोबार के पोर्ट ब्लेयर पहुंचना था। विमान को आखिरी बार पूर्वी चेन्नई से 151 समुद्री मील दूर देखा गया था।

विमान से आखिरी बार संपर्क उसके उड़ान भरने के 15-20 मिनट बाद हुआ। नौ बजे के बाद रडार पर विमान दिखाई देना बंद हो गया। विमान की तलाश में व्यापक बचाव और खोज अभियान शुरू कर दिया है। अभियान में विमान, हेलीकाप्टर, पनडुब्बियों और जहाजों को लगाया गया है।

लापता AN-32 की तलाश में कोस्ट गार्ड, 12 शिप और 1 सब-मरीन जुटे हुए हैं। AN-32 की तलाश के लिए समंदर में युद्धपोत INS सहयाद्रि, INS राजपूत, INS रणविजय, INS शक्ति, INS ज्योति, INS घड़ियाल और INS सुकन्या को लगाया गया है।