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वैज्ञानिकों ने विकसित की इलेक्ट्रॉनिक स्किन

यह कृत्रिम त्वचा 3,400 फीसदी से अधिक लचीली है, और यह तुरंत अपने मूल रूप में वापस आ जाती है और छूने के प्रति यह संवेदनशील है। इसका प्रयोग हृदय, गुर्दे और यकृत के लिए भी किया जा सकेगा।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (17 जून): वैज्ञानिकों ने एक इलेक्ट्रॉनिक स्किन विकसित की है, जो खुद को महसूस कर सकती है और खुद का इलाज कर सकती है। आपको बता दें कि  इसका प्रयोग प्रोस्टेटिक्स, घाव भरने के लिए दवा युक्त पट्टी और पहनावा प्रौद्योगिकी में किया जा सकता है।गौरतलब है कि यह कृत्रिम त्वचा 3,400 फीसदी से अधिक लचीली है, और यह तुरंत अपने मूल रूप में वापस आ जाती है और छूने के प्रति यह संवेदनशील है। इसका प्रयोग हृदय, गुर्दे और यकृत के लिए भी किया जा सकेगा।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसका निर्माण हाइड्रोजेल और धातु कार्बाइड से किया गया है तथा यह विभिन्न सतहों पर चिपक सकती है. जब इसे टुकड़ों में काटा जाता है तो यह तुरंत जुड़कर खुद की मरम्मत कर लेता है।सऊदी अरब के तुवाल स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (केएयूएसटी) के प्रोफेसर हुसम अलशरीफ ने बताया, "हमारी सामग्री ने पहले के सभी हाइड्रोजेल को पीछे छोड़ दिया है और नई कार्यक्षमताओं का प्रदर्शन किया है।शोध के मुख्य लेखक और यूनिवर्सिटी के पोस्टडॉक्टोरल छात्र यिझोऊ झांग ने कहा, "इस सामग्री की खींचने और जुड़ने की अलग-अलग संवेदनशीलता एक सफल खोज है, जो हाइड्रोजेल की संवेदनशीलता क्षमता में एक नया आयाम जोड़ता है।

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