वैज्ञानिकों का दावा, स्टीम बाथ से डिमेंसिया का खतरा होगा कम

नई दिल्ली ( 18 दिसंबर ): वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि रोजाना स्टीम बाथ करने से डिमेंसिया बीमारी का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। वैज्ञानिकों ने एक नए शोध में यह बात कही है कि सप्ताह में एक बारस्टीम बाथ करने वाले लोगों के मुकाबले चार से सात बार स्टीम बाथ करने वालों में इसके होने का खतरा 66 फीसदी तक कम हो जाता है।

एज एंड एजिंग जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में यूनिवर्सिटी ऑफ इस्टर्न फिनलैंड के शोधकर्ताओं ने 35 से 50 वर्ष के दो हजार से अधिक लोगों पर करीब 20 वर्षों तक शोध किया। इस अध्ययन में पाया गया कि जितना ज्यादा व्यक्ति स्टीम बाथ करेगा, डिमेंसिया का खतरा उतना ही कम होगा। इस अध्ययन के मुख्य शोधकर्ता और यूनिवर्सिटी ऑफ इस्टर्न फिनलैंड के प्रोफेसर जरी लौकनेन ने कहा ‘स्टीम बाथ से दिल और दिमाग दोनों स्वस्थ रहते हैं और याददाश्त तेज होती है।’

क्या है डिमेंसिया

डिमेंशिया एक प्रकार की मानसिक बीमारी है। वास्तव में यह मानसिक लक्षणों का एक समूह है जिसकी शिकायत होने पर व्यक्ति की याददाश्त समाप्त हो जाती है और वह सबकुछ भूल जाता है। यह दिमाग की वह स्थिति है, जिसमें व्यक्ति के लिए कुछ भी समझ पाना, अपनी बातों को दूसरों को समझा पाना बेहद मुश्किल हो जाता है। कुछ समय बाद इसके मरीज की स्थिति वैसी हो जाती है कि व्यक्ति खुद अपनी सुध-बुध खो देता है। डिमेंशिया मस्तिष्क की कोशिकाओं के नष्ट होने के कारण होता है। सिर में चोट लगना या फिर अल्जाइमर के कारण इस बीमारी के होने का खतरा अधिक रहता है।

कई रोगों में फायदेमंद

नियमित वाष्प स्नान सिर्फ डिमेंसिया के खतरे को ही कम नहीं करता है, बल्कि अचानक पड़ने वाले दिल के दौरे, हृदय गति रुकने आदि के कारण वाली मृत्युदर में भी कमी आती है। प्रो. जरी लौकनेन का कहना है कि स्वस्थ हृदय दिमाग को भी तंदरुस्त रखता है और वाष्प स्नान से मिलने वाला आराम, ताजगी व स्फूर्ति दिल के साथ दिमाग को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

अल्जाइमर से बचाव

इस अध्ययन में वैज्ञानिकों ने दो हजार प्रतिभागियों को तीन समूहों में बांटा। पहले समूह को सप्ताह में एक बार वाष्प स्नान कराया गया। दूसरे समूह को सप्ताह में दो से तीन बार और तीसरे समूह को चार से सात बार वाष्प स्नान कराया गया। इस शोध में पाया गया कि वाष्प स्नान करने से अल्जाइमर जैसी बीमारियों का खतरा भी 65 फीसदी तक कम हो जाता है।