अब बैग के बोझ के तले नहीं दबेंगे मासूम, सरकार ने तय किया बस्ते का वजन

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (26 नवंबर): स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ने क्लास के हिसाब से स्कूल बैग का वजन तय करने का फैसला किया है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने बच्चों के बस्ते का बोझ तय कर दिया है। इस सिलसिले में पहली बार कक्षा 10वीं तक के बच्चों के बस्ते के लिए गाइडलाइन जारी की गई है। 10वीं तक के बच्चे अधिकतम पांच किलोग्राम का बस्ता ले जा सकेंगे। इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग को एमएचआरडी के सचिव ने पत्र लिखा है।
नर्सरी व केजी वन के तीन साल के बच्चे चार किलो, तीसरी और चौथी के बच्चे छह से 10 किलो तक का बस्ता ढो रहे हैं। एमएचआरडी 20 नवम्बर, 2018 को सर्कुलर जारी किया है कि दूसरी क्लास तक के बच्चे को न ही स्कूल बैग लगाया जाए, न ही होमवर्क दिया जाए। अभी राजधानी में ही स्कूल प्रबंधकों ने बच्चों को छह से लेकर नौ तक किताबें तक लगाई हैं। इस मनमानी पर शिक्षा अफसर व जिला प्रशासन कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।


जानिए कितना होगा बच्चों के बैग का वजन....

पहली क्लास से दूसरी क्लास- बैग का वजन 1.5 किलोग्राम होना चाहिए

तीसरी क्लास से पांचवीं क्लास- बैग का वजन 2 किलोग्राम से 3 किलोग्राम तक

छठी क्लास से सातवीं क्लास- बैग का वजन 4 किलोग्राम तक

आठवीं क्लास से नौंवी क्लास- बैग का वजन 4.5 किलोग्राम तक

दसवीं क्लास- बैग का वजन 5 किलोग्राम तक होना चाहिए

गौरतलब है कि साल 2012 में दिल्ली उच्च न्यायालय ने सुझाव दिया था कि बस्ते का वजन बच्चे के वजन से 10 फीसद से अधिक नहीं होना चाहिए। इसके आधार पर एमएचआरडी ने बस्ते का वजन क्या होना चाहिए, इसकी गाइडलाइन जारी कर दी है। इसे तत्काल प्रभाव से लागू करने के लिए कहा गया है।