माल्या की बढी मुसीबतें, सुप्रीम कोर्ट ने माना अवमानना का दोषी


नई दिल्ली(9 मई): बैंकों का लोन लेकर फरार विजय माल्या की मुसीबतें बढ गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने माल्या को कोर्ट की अवमानना के मामले में दोषी पाया है।


- कोर्ट ने विजय माल्या को 10 जुलाई को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं। साथ ही कोर्ट ने कहा कि विजय माल्या को पेश होकर अपना पक्ष रखना चाहिए।


- सुप्रीम कोर्ट किंगफिशर एयरलाइंस के मुखिया विजय माल्या के खिलाफ अदालत की अवमानना के मामले की सुनवाई कर रहा है।


- पिछली सुनवाई में बैंक असोसिएशन ने सर्वोच्च न्यायालय से मांग की थी कि कोर्ट विजय माल्या को आदेश दे कि वह डिएगो डील से मिले 40 मिलियन यूएस डॉलर को एक हफ्ते के भीतर भारत लेकर आये। अगर माल्या उस पैसे को भारत लेकर नहीं आता तो व्यक्तिगत तौर पर कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया जाए।


- बैंक असोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि डिएगो डील से मिले 40 मिलियन डॉलर को बच्चों के अकाउंट में ट्रांसफर किया है और उसका एक ट्रस्ट बना रखा है। SBI और दूसरे बैंकों ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की और कहा कि माल्या ने कर्नाटक हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन कर डिएगो डील से मिले 40 मिलियन डॉलर को बच्चों के अकाउंट में ट्रांसफर किया है। बैंकों ने डील से मिले 40 मिलियन अमेरिकी डॉलर को सुप्रीम कोर्ट में जमा कराने की मांग की है।


- इससे पहले विजय माल्या की याचिका पर कोर्ट ने बैंको को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। याचिका में माल्या ने अवमानना नोटिस को वापस लेने की मांग की है। माल्या का कहना है कि संपत्ति का ब्योरा समझौते के लिए दिया था जबकि समझौता नहीं हो रहा है, लिहाजा कोई अवमानना का मामला नहीं बनता।