सुप्रीम कोर्ट का प्राइवेट स्कूलों की फीस पर बड़ा फैसला

नई दिल्ली ( 23 जनवरी ): दिल्ली में निजी स्कूलों की फीस को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार एक अहम फैसला सुनाया। हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को साफ किया है कि डीडीए की जमीन पर चल रहे प्राइवेट स्कूल, बिना सरकार की मंजूरी के फीस नहीं बढ़ा सकते। प्राइवेट स्कूलों ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जिस पर सर्वोच्च न्यायालय ने यह फैसला दिया।

इससे पहले स्कूलों ने HC के इस फैसले को गैरकानूनी बताते हुए कहा था कि दिल्ली स्कूल एजुकेशन ऐक्ट ऐंड रुल्स 1973 (डीएसईएआर) भी कहता है कि स्कूलों को अपनी फीस बढ़ाने का हक है। गौरतलब है कि राजधानी में 400 से अधिक स्कूल डीडीए की जमीन पर चल रहे हैं।

ऐक्शन कमिटी, अनऐडेड रिकॉग्नाइज्ड प्राइवेट स्कूल्स के प्रेजिडेंट एस. के. भट्टाचार्य का कहना था कि इस फैसले में बहुत कमियां हैं। डीएसईएआर 1973 के आर्टिकल 17 सी के मुताबिक, स्कूलों को अपनी फीस तय करने का अधिकार है। इसके लिए उसे शिक्षा निदेशालय से इजाजत लेने की जरूरत नहीं। यह एक पार्लियामेंट ऐक्ट है और इसमें बिना बदलाव किए यह ऑर्डर कैसे दिया जा सकता है।