सेलफोन टॉवर्स के हेल्थ पर होने वाले असर का आकलन करेगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली (18 मार्च): सुप्रीम कोर्ट सेलफोन टॉवर्स से लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर का आकलन करने के लिए तैयार हो गया है। कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को इसके लिए वैज्ञानिक सबूतों को पेश करने के लिए कहा है। जो रेडिएशन के खतरनाक असर के समर्थन में हों।

अंग्रेजी अखबार 'द ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के मुताबिक, याचिकाकर्ताओं के वकील प्रशांत भूषण ने रिहायशी इलाकों में मोबाइल टॉवर्स और भीड़भरे इलाकों में बैन को बनाए रखने के लिए अपील भी की। जिनमें अस्पताल, स्कूल, मार्केट आदि शामिल हैं। हालांकि, सेलुलर सर्विस प्रोवाइडर्स का कहना है कि इन टॉवर्स का स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।

चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अगुवाई वाली बेंच ने गौर किया। कि रिटायर्ड जज पीएन गुप्ता ने एक किताब लिखी थी। जिनकी कैंसर से मौत हो गई थी। यह किताब सेलफोन्स के लंबे समय तक नियमित रूप से प्रभाव में रहने पर स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव पर लिखी गई थी। हालांकि, यह साफ नहीं है कि क्या स्वर्गीय जज भी रेडिएशन के पीड़ित थे।