सड़कों पर अवैध धार्मिक ढांचों को लेकर हलफनामा नहीं देने पर राज्यों को SC की फटकार

नई दिल्ली (19 अप्रैल): सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को फटकार लगाई है। कोर्ट ने सार्वजनिक सड़कों और फुटपाथों पर गैरकानूनी तरीके से बनाए गए धार्मिक ढ़ांचों को हटाए जाने के लिए उठाए गए कदमों के संबंध में हलफनामा पेश ना करने पर यह फटकार लगाई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट साल 2006 में दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था। जिसमें पहले राज्यों को निर्देश दिए गए थे, जिसमें अनाधिकृत निर्माणों को हटाने के लिए राज्यों से कहा गया था। जिनमें सड़कों और सार्वजनिक स्थानों से पूजा स्थल भी शामिल हैं।

राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में हलफनामे पेश ना किए जाने पर जस्टिस वी गोपाला गौड़ा और अरुण मिश्रा की बेंच ने कहा, "हम इस तरह के व्यवहार की प्रशंसा नहीं करते।" यह मामला मई के दूसरे सप्ताह तक के लिए आगे बढ़ा दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें हलफनामा पेश करने के लिए अंतिम मौका देते हुए 2 सप्ताह का समय दिया है। यह हलफनामे एडीशनल सॉलिसिटर जनरल को सौंपे जाने के लिए कहा है। ऐसा नहीं करने पर संबंधित राज्यों के प्रधान सचिवों को उन निर्देशों की अवहेलना करने पर स्पष्टीकरण देने के लिए समन भेजा जाएगा।  जो इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने समय समय पर भेजे हैं।

बेंच प्रधान सचिवों को समन भेजने का आदेश देने ही वाली थी। लेकिन कई राज्यों की तरफ से कुछ वकीलों की अपील पर इसे बदल दिया गया। 8 मार्च को कोर्ट को छत्तीसगढ़ के खिलाफ एक अवमानना याचिका मिली थी। जिसके बाद इसने राज्य से आरोपों के आधार पर अपने तथ्य आधारित पक्ष रखने के लिए था।