प्रमोशन में आरक्षण पर उच्च न्यायालय के फैसले का ये पार्टी उठा सकती है फायदा

नई दिल्ली (6 जून): सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को नौकरियों में प्रमोशन को लेकर आरक्षण व्यवस्था को तब तक बरकरार रखने को कहा है, जब तक कि इस मामले में संविधान पीठ कोई अंतिम फैसला न सुना देती। राजनैतिक जानकार मानते हैं कि अदालत के इस फैसले से बीजेपी को मदद मिलने की उम्मीद है, जो 2019 लोकसभा चुनावों से पहले दलित वोट बैंक बढ़ाने के एजेंडा पर काम कर रही है। गौरतलब है कि इससे पहले भाजपा को उस समय भारी नुकसान झेलना पड़ा था, जब अटॉर्नी जनरल सुप्रीम कोर्ट को एससी/एसटी ऐक्ट के कथित दुरुपयोग के मामले में भरोसा नहीं दिला पाए थे।विपक्ष ने इसके बाद बीजेपी पर इस ऐक्ट के प्रावधानों को कमजोर करने की साजिश का आरोप लगाया था। इस पर बीजेपी को सफाई देनी पड़ी थी कि आरक्षण और दलित समुदाय की सुरक्षा से जुड़े अन्य नियम बने रहेंगे। केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान ने कहा था कि अगर सुप्रीम कोर्ट इस मामले में राहत नहीं देता है तो सरकार अध्यादेश लाएगी। कर्नाटक विधानसभा चुनावों में बीजेपी को इस वजह से झटका लगने का डर था, जो सही साबित हुआ।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बीजेपी प्रमोशन में आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अपनी रणनीति बना रही है। क्योंकि इसका इस्तेमाल दलित वोटरों को लुभाने के लिए किया जा सकता है। गौरतलब है कि पार्टी दलित वोटर्स को अपने साथ लाने के लिए अपने नेताओं को उनके घरों में जाकर खाना खाने को कहा था।