शादीशुदा होने के बावजूद अवैध संबंधों को लेकर बड़ा फैसला

नई दिल्ली (11 फरवरी): सुप्रीम कोर्ट ने शादीशुदा होने के बावजूद महिला को शादी का झांसा देकर उसके साथ अवैध संबंध बनाने वाले व्यक्ति को राहत देने से इंकार किया है। कोर्ट ने छत्तीसगढ़ से जुड़े एक मामले में दोषी टेकन राम को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि विवाहित होने के बावजूद उसने न केवल एक महिला को शादी का झांसा दिया, बल्कि उसके साथ में आपने अवैध संबंध भी बनाए। ऐसे घृणित अपराध के लिए दोषी व्यक्ति को किसी भी कीमत में कोई राहत नहीं दी जा सकती।

कोर्ट ने कहा कि इस मामले में दोषी व्यक्ति शादीशुदा तो है ही, इसके साथ ही उसका एक बच्चा भी है। इस सब के बावजूद दोषी ने अवैध संबंध भी बनाए। कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार को पीड़िता को हर महीने 8000 रुपए पुनर्वास के लिए देने के निर्देश भी दिए हैं।

बता दें कि इस मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दोषी को सात साल की सजा सुनाई थी, जिसे दोषी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। छत्तीसगढ़ के दुर्ग में 1995 में टेकन राम ने शादीशुदा होने के बावजूद एक महिला को शादी का झांसा दिया और अवैध संबंध बनाए। उसके बाद महिला ने टेकन राम के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया था।