सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर फर्जी मुठभेड़ मामले में CBI जांच के दिए आदेश

प्रभाकर मिश्रा, नई दिल्ली (14 जुलाई): सर्वोच्च न्ययालय ने CBI को मणिपुर में सुरक्षा बलों द्वारा 62 कथित फर्जी मुठभेड़ों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति मदन बी. लोकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने सीबीआई के निदेशक से मामले की जांच के लिए दो सप्ताह के भीतर टीम गठित करने को कहा है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में CBI को 28 जनवरी तक अनुपालन रिपोर्ट सौंपने को भी कहा है।

मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि साल 1979 से 2012 तक मणिपुर में कई लोग फर्जी मुठभेड़ों में मारे गए हैं. इनमें नाबलिग और औरतें भी शामिल हैं।

2010-12 में मानवाधिकार संगठन एक्स्ट्रा जुडिशियल विक्टिम फैमिली एसोसिएशन ने करीब 1528 ऐसे मामलों में सेना और पुलिस द्वारा फर्जी मुठभेड़ की बात उठाई थी।

सुप्रीम कोर्ट का यह फ़ैसला सेना के लिए एक बड़ा झटका है जिसने यह कहा था कि इस मामले में और जांच की आवश्यकता नहीं है। सेना का यह भी कहना था कि वो 62 में से 30 मामलों में जांच करवा चुकी है। गौरतलब है कि मणिपुर में अफस्पा यानी सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम 1958 लागू है जिसके तहत सुरक्षा बलों को कई विशेष अधिकार मिलते हैं, जैसे बिना वारंट घर की तलाशी आदि। आरोप है कि सुरक्षा बलों ने कथित रूप से लोगों को इसी कानून की आड़ में फ़र्ज़ी मुठभेड़ों के दौरान मौत के घाट उतारा था।