शशिकला के सीएम बनने का सपना टूटा, 10 साल तक नहीं लड़ पाएंगी चुनाव

नई दिल्ली(14 फरवरी) AIADMK महासचिव शशिकला के मुख्यमंत्री बनने के सपने को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा लगा है। आय से अधिक संपत्ति मामले में कोर्ट ने शशिकला को दोषी करार दिया है। शशिकला के अलावा उनके दो रिश्तेदार वीएन सुधारन, इलावर्सी दोषी भी करार दिए गए। शशिकला की 4 साल की सजा बरकरार है।

नहीं लड़ पाएंगी चुनाव...

-शशिकला तमिलनाडु में सरकार बनाने की तैयारी में थीं।

- शशिकला अभी असेंबली की मेंबर नहीं हैं। मुख्यमंत्री बनने के लिए उन्हें 6 महीने के भीतर विधायक बनना था। ऐसे हालात में अब वह कोई इलेक्शन नहीं लड़ पाएंगी।

- 6 नवंबर को जयललिता के निधन के बाद सीएम बने पन्नीरसेल्वम ने कुछ दिन पहले इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने भी फिर मुख्यमंत्री बनने का दावा किया है।

- शशिकला और पन्नीरसेल्व दोनों ही सरकार बनाने को लेकर तमिलनाडु के गवर्नर सी विद्यासागर राव से मुलाकात कर चुके थे।

क्या है पूरा मामला ...

- सुप्रीम कोर्ट ने 21 साल पुराने बेहिसाब प्रॉपर्टी केस में उनके खिलाफ फैसला सुनाया।

- इसी केस में कर्नाटक हाईकोर्ट ने शशिकला और जयललिता को 2015 में बरी कर दिया था। कर्नाटक सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।  

- केस की सुनवाई कर रही बेंच में शामिल जस्टिस पीसी घोष और अमिताभ रॉय ने फैसला सुनाया।

- इस केस में जया, शशिकला और उनके दो रिश्तेदार वीएन सुधारन, इलावर्सी समेत 4 लोग शामिल हैं।

- इस मामले की सुनवाई तमिलनाडु के बाहर बेंगलुरु की स्पेशल कोर्ट में हुई। इस कोर्ट ने 27 सितंबर 2014 को जयललिता, शशिकला और दो अन्य बेहिसाब प्रॉपर्टी रखने के मामले में दोषी करार दिया।

- ट्रायल कोर्ट ने सभी को चार साल की सजा सुनाई गई। उन पर 100 करोड़ का जुर्माना भी लगाया गया। जयललिता-शशिकला 21 दिन जेल में रहीं। बाद में उन्हें सुप्रीम कोर्ट से बेल मिली।

- जया ने इस फैसले को कर्नाटक हाईकोर्ट में चैलेंज किया। हाईकोर्ट ने 11 मई 2015 को जया और शशिकला समेत सभी चार दोषियों को बरी कर दिया। हाईकोर्ट ने 1000 पेज का फैसला सुनाया था।

- दरअसल, जयललिता पर 1991 से 1996 के बीच सीएम रहने के दौरान इनकम से ज्यादा 66 करोड़ की प्रॉपर्टी इकट्ठा करने का आरोप था।

- उन पर शशिकला के साथ मिलकर 32 ऐसी कंपनियां बनाने का आरोप था जिनका कोई बिजनेस ही नहीं था।