सजा पा चुके सांसद-विधायकों पर कार्रवाई को लेकर SC का EC को नोटिस

नई दिल्ली (22 जुलाई): सुप्रीम कोर्ट ने एक एनजीओ कार्यकर्ता के याचिका पर सुनवाई करते हुए चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने 2 साल से ज्यादा की सजा पाने वाले सांसदों और विधायकों की सदस्यता रद्द न होने पर जवाब मांगा है। इसके लिए कोर्ट ने चार हफ्ते का समय दिया है।

एनजीओ कार्यकर्ता लोक प्रहरी ने सुप्रीम कोर्ट 2013 में दिए गए फैसले को अपना आधार बनाते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने अहम फैसले में ऐसे जनप्रतिनिधियों को तुरंत अयोग्य करार देने का आदेश दिया था। याचिका में यूपी के पूर्व मंत्री कैलाश चौरसिया के मामले का भी हवाला दिया गया है। चौरसिया को एक मामले में 3 साल की सजा मिली थी लेकिन उन्हें सदस्यता से अयोग्य करार देने में काफी समय लगा था। लेकिन चुनाव आयोग विधानसभा सचिवालय से रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई करता है। जबकि विधानसभा सचिवालय की तरफ से अक्सर रिपोर्ट भेजने में देरी की जाती है।