अधिकारों का मामला : SC ने केजरीवाल सरकार की याचिका पर सुनवाई से किया इनकार

नई दिल्ली (8 जुलाई) :  दिल्ली की केजरीवाल सरकार को केंद्र के साथ चल रही अधिकारों की जंग में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों सरकारों की शक्तियों को लेकर केजरीवाल सरकार की अर्जी पर सुनवाई से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा इस मामले में हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा हुआ है, पहले हाईकोर्ट को फैसला सुनाने दें, उसके बाद पिटीशनर सुप्रीम कोर्ट को अप्रोच कर सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने क्या क्या कहा-

-हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित है, इसलिए हाईकोर्ट के अधिकार क्षेत्र और स्वतंत्रता बरकरार रखनी चाहिए। हाईकोर्ट एक संवैधानिक संस्था है और उसका सम्मान करना चाहिए।

-प्राइवेट मामलों में समझौता हो सकता है, लेकिन संवैधानिक मुद्दे पर समझौता नहीं होता। हाईकोर्ट का फैसला सही हो या नहीं, संविधान ने उसे अधिकार दिया है।

- हाईकोर्ट के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट तय करता है कि ये गलत था या नहीं। दिल्ली सरकार HC के फैसले से संतुष्ट ना हो तो सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकती है।

बता दें कि बीते शुक्रवार को आम आदमी पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की थी कि वह दिल्ली के अधिकारों से जुड़े मामलों में हाईकोर्ट को फैसला देने से रोके। केजरीवाल सरकार की दलील थी कि हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा है लेकिन ये मेरिट के आधार पर है। आप सरकार का कहना था कि कानून के तहत सिर्फ सुप्रीम कोर्ट ही राज्यों और केंद्र के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर सुनवाई कर सकता है। आप का यह भी कहना था कि सुप्रीम कोर्ट यह भी फैसला दे कि दिल्ली एक राज्य है या नहीं। मौजूदा व्यवस्था के तहत दिल्ली पूर्ण राज्य नहीं है। दिल्ली में पुलिस और लैंड से जुड़े सभी मामले केंद्र के अधिकार में आते हैं।