यह था DA केस, जिसमें शशिकला को हुई है 4 साल की जेल

नई दिल्ली (14 फरवरी): सुप्रीम कोर्ट ने शशिकला को बेहिसाब प्रॉपर्टी (डिसप्रपोर्शनेट एसेट-DA) मामले में दोषी करार देते हुए उनकी 4 साल की सजा को बरकरार रखा है। शशिकला को साढ़े तीन साल जेल में गुजारने होंगे। 6 महीने की सजा वे काट चुकी हैं।

4 साल की सजा के बाद वे 6 साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगी। इसी केस में कर्नाटक हाईकोर्ट ने शशिकला और जयललिता को 2015 में बरी कर दिया था। कर्नाटक सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

क्या था DA केस...

- 1996 में तत्कालीन जनता पार्टी के नेता और अब बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने मुकदमा दायर कर आरोप लगाया था कि जयललिता ने 1991 से 1996 तक सीएम पद पर रहते हुए 66.44 करोड़ रुपए की बेहिसाब प्रॉपर्टी इकट्ठा की थी।

- जब मामला बेंगलुरू की स्पेशल कोर्ट में पहुंचा तो प्रॉसिक्यूशन ने जयललिता की संपत्ति का ब्योरा दिया। कहा- जयललिता, शशिकला और बाकी दो आरोपियों ने 32 कंपनियां बनाईं, जिनका कोई कारोबार नहीं था। ये कंपनियां सिर्फ काली कमाई से प्रॉपर्टीज खरीदती थीं।

- इन कंपनियों के जरिए नीलगिरी में 1000 एकड़ और तिरुनेलवेली में 1000 एकड़ की जमीन खरीदी गई। - जयललिता के पास 30 किलोग्राम सोना, 12 हजार साड़ी थीं।

- जयललिता ने गोद लिए बेटे वीएन सुधाकरण की शादी पर 6.45 करोड़ रुपए खर्च किए। अपने घर पर एडिशनल कंस्ट्रक्शन पर 28 करोड़ रुपए लगाए।