SC का ऐतिहासिक फैसला: बिल्डरों के खिलाफ सीधे कोर्ट आ सकते हैं ग्राहक

नई दिल्ली (1 सितंबर): बिल्डरों द्वारा ग्राहकों से किसी भी तरह की हेराफेरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा बयान दिया है। कोर्ट ने कहा है कि ग्राहक सीधे सुप्रीम कोर्ट आकर कंपनियों की शिकायत कर सकते हैं, ताकि यूनिटेक जैसी कंपनियों को सबक सिखाया जा सके।

सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी यूनिटेक और उसके निवेशकों के मामले की सुनवाई के दौरान की। नोएडा के यूनिटेक बरगंडी प्रोजेक्ट में तीन निवेशकों को तय सीमा पर फ्लैट नहीं मिलने पर उन्होंने कंज्यूमर फोरम का दरवाया खटखटाया, लेकिन कंपनी इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट चली गई।

कोर्ट की फटकार के बाद कंपनी ने निवेशकों के साथ समझौता कर लिया। सुप्रीम कोर्ट ने समझौते पर सहमति जताई। साथ ही, यूनिटेक को आगाह किया कि वो इसका पालन करे। अगर इसका उल्लंघन किया गया तो कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर को सबक सिखाया जाएगा।

क्या था मामला... - नोएडा के सेक्टर 96 में यूनिटेक बरगंडी प्रोजेक्ट में तीन एनआरआई लोगों, विनय सिंह, आशीष ओबरॉय और दिवाकर मिश्रा ने 2010 में फ्लैट बुक कराए थे। - हर फ्लैट की कीमत 3 करोड़ 84 लाख रूपये थी, फ्लैट 36 महीने में दे दिए जाने थे। - लेकिन चार साल तक फ्लैट न मिलने के बाद तीनों ने नेशनल कन्ज्यूमर फोरम का दरवाज़ा खटखटाया था। - फोरम ने अक्टूबर 2015 में यूनिटेक को तीनों फ्लैट के लिए की पूरी रकम ब्याज समेत लौटाने को कहा था। - इसके खिलाफ यूनिटेक सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसे पहले निवेशकों के लिए अंतरिम मुआवज़े के तौर पर पांच करोड़ जमा कराने को कहा था। - बार-बार ये रकम न जमा होने पर नाराज़गी जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर 12 अगस्त तक पैसे नहीं दिए गए तो कंपनी के निदेशकों को जेल भेज दिया जाएगा। - यूनिटेक ने बताया है कि उसने कोर्ट में पैसे जमा करा दिए हैं। साथ ही, तीनों निवेशकों के साथ समझौता भी कर लिया गया है। इसके तहत उन्हें दूसरी जगह पर फ्लैट दिए जा रहे हैं। साथ ही, उन्हें अब तक हुई देरी के लिए मुआवजा भी दिया जा रहा है।