'राम मंदिर निर्माण' के लिए सुब्रमण्यन स्वामी की अपील पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली (26 फरवरी): सुप्रीम कोर्ट बीजेपी नेता सुब्रमण्यन स्वामी की उस अपील पर सुनवाई करेगा, जो रामजन्मभूमि स्थल पर राम मंदिर के 'पुनर्निर्माण' के लिए की गई है। इसी स्थल पर साल 1992 में कार सेवकों ने बाबरी मस्जिद विध्वंस किया था। 

अंग्रेजी अखबार 'द हिंदू' की रिपोर्ट के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट साल 2010 के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली अन्य अपीलों पर भी सुनवाई करेगा। जिसमें अयोध्या के विवादित स्थल पर राम के जन्मस्थान का निर्धारण किया गया। सितंबर 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के तीन जजों ने एकमत होकर फैसला दिया था कि राम का जन्म अस्थाई मंदिर के केंद्रीय गुंबद के नीचे हुआ था। इसलिए हिंदुओं को वहां पूजा करने का अधिकार है।

इसके तुरंत बाद, हाईकोर्ट के इस फैसले के लागू किए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी। तब से यह मामला कोर्ट में लंबित है। रिपोर्ट के मुताबिक, संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत, स्वामी ने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट में लंबित अपीलों की वजह से संविधान के तहत दिए गए उनके पूजा करने और गौरव से जीने का अधिकार रुका हुआ है।

स्वामी ने कोर्ट से हस्तक्षेप करने के लिए कहा है। जिससे सरकार "हिंदुओं को अयोध्या में रामजन्मभूमि स्थल पर राम मंदिर का पुनर्निर्माण करने की अनुमति दे सके। जिस स्थान पर भगवान राम का जन्म (रामजन्मभूमि) हुआ, उसे हिंदू अच्छी तरह से पहचानते है।"