नए साल में बैंकों का 'गिफ्ट'

नई दिल्ली(2 जनवरी): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के अगले ही दिन रविवार को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई), पंजाब नैशनल बैंक और यूनियन बैंक ने अपने लोन सस्ते कर दिए। शनिवार को देश के नाम संबोधन में पीएम मोदी ने बैंकों से कहा था कि वे गरीबों और लोअर मिडल क्लास को लोन देने में खास ध्यान दें।

- एसबीआई ने बेंचमार्क लेंडिंग रेट में 0.9 फीसदी तक की कटौती का ऐलान किया। नई दरें रविवार से लागू हो गईं। इस रेट कट के बाद बैंक का एक साल का मार्जिनल कॉस्ट लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) 8.90 से घटकर 8 फीसदी के स्तर पर आ गया है।

- पीएनबी ने भी एक साल के एमसीएलआर में 0.7 फीसदी की कटौती की है। अब यह 8.45 फीसदी होगा। इसके अलावा यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने एमसीएलआर को 0.65 फीसदी घटाकर 8.65 फीसदी कर दिया है।

- माना जा रहा है कि बाकी बैंक भी ऐसे कदम उठा सकते हैं। एसबीआई की ब्याज दर 10 साल में सबसे कम हो गई है। ऐसे में दूसरे बैंकों को भी मार्केट शेयर बचाने के लिए ब्याज दरों में कटौती करनी पड़ेगी।

- नए रेट्स का फायदा नए ग्राहकों को मिलेगा, जबकि पुराने कस्टमर्स लॉक इन पीरियड खत्म होने के बाद नए एमसीएलआर रेट पर शिफ्ट हो सकते हैं। लॉक इन पीरियड लोन एग्रीमेंट के हिसाब से एक महीने से तीन साल तक का हो सकता है।