1 अप्रैल से SBI में इन सर्विस के लिए चुकाने होंगे ज्यादा पैसे

नई दिल्ली (28 मार्च): अगर आपका खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में है तो यह खबर जानना आपके लिए बेहद ही जरूरी है, क्योंकि SBI का स्वरूप अगले महीने से बदलने जा रहा है। SBI में राष्ट्रीय महिला बैंक समेत SBI के 5 सहयोगी बैंकों का विलय हो जाएगा।


साथ ही, बैंक ने पांच साल के अंतराल के बाद फिर से खाते में न्यूनतम राशि नहीं होने पर जुर्माना वसूलने का निर्णय किया है। यह जुर्माना एक अप्रैल से लागू होगा। इसके अलावा बैंक ने एटीएम सहित अन्य सेवाओं के शुल्क में भी बदलाव किया है।


5 फ्री ट्रांजैक्‍शन के बाद देना होगा 20 रुपए का शुल्‍क


- SBI ने महीने में तीन बार बचत खाताधारकों को बिना शुल्क के नकद धन जमा कराने की अनुमति दी है।

- इसके बाद नकदी के प्रत्येक लेनदेन पर 50 रुपए का शुल्क और सेवाकर ग्राहकों को देना होगा। चालू खातों के मामले में यह शुल्क अधिकतम 20,000 रुपए भी हो सकता है।

- एसबीआई के संशोधित शुल्कों की सूची के अनुसार खातों में मासिक औसत बकाया (एमएबी) रखने में नाकाम रहने पर 100 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और इस पर सेवाकर भी देय होगा।

- शहरी क्षेत्र के खाताधारकों के खाते में यदि न्यूनतम राशि 5,000 रुपए का 75 प्रतिशत होगी तो 100 रुपए का शुल्क और सेवाकर जुर्माना स्वरूप देना होगा।

- यदि यही बकाया न्यूनतम राशि के 50 प्रतिशत अथवा उससे भी कम है तो ऐसी स्थिति में बैंक 50 रुपए और सेवाकर वसूलेगा।

- मासिक औसत शेष यानी एमएबी शुल्क बैंक शाखा की जगह के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है। ग्रामीण शाखाओं के मामले में यह न्यूनतम रह सकता है।भारतीय रिजर्व बैंक ने इस संबंध में बैंकों को अनुमति दे दी है।

- ये शुल्क एक अप्रैल से लागू हो जाएंगे।

- स्टेट बैंक ग्राहकों द्वारा इसी प्रकार एक माह में अन्य बैंक के एटीएम से तीन बार से ज्यादा निकासी पर 20 रुपए का शुल्क देय होगा।

- एसबीआई के एटीएम से पांच से ज्यादा आहरण करने पर हर बार 10 रुपए का शुल्क लिया जाएगा।

- एसबीआई खुद के एटीएम से तब कोई शुल्क नहीं लगाएगी जबकि संबंधित व्यक्ति के खाते में 25,000 रुपए से अधिक बकाया रहता है।

- खाते में एक लाख रुपए से अधिक बकाया रहने पर स्टेट बैंक ग्राहक यदि दूसरे बैंकों के एटीएम से कितनी भी बार निकासी करता है तो कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

- डेबिट कार्डधारकों से एसएमएस अलर्ट भेजने के लिए एसबीआई हर तिमाही 15 रुपए का शुल्क लेगा जो त्रैमासिक आधार पर औसत 25,000 रुपए की बकाया राशि खाते में रखते हैं।

- बैंक यूपीआई के माध्यम से 1,000 रुपए तक के लेनदेन पर कोई शुल्क नहीं लेगा।