मिनिमम बैलेंस न रखने पर SBI बैंक ने ग्राहकों से वसूला 1772 करोड़ रुपये का जुर्माना

नई दिल्ली (3 दिसंबर): वित्त मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि देश के सबसे बड़े भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई)ने अप्रैल से नवंबर के दौरान अपने ग्राहकों द्वारा खातों में निर्धारित न्यूनतम राशि नहीं रखने पर 1,771.67 करोड़ रुपये वसूले। एक अन्य सार्वजनिक क्षेत्र के ऋणदाता पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) खातों में न्यूनतम राशि नहीं रखने पर सिर्फ 97.34 करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला है. 

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) को 1,771.67 करोड़ रुपये का अप्रत्याशित लाभ हुआ है। यह उसके दूसरे तिमाही के मुनाफे से भी अधिक है। वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार एसबीआई चालू वित्त वर्ष के पहले आठ महीनों अप्रैल-नवंबर के दौरान ग्राहकों द्वारा अपने बचत खातों में मासिक आधार पर औसतन न्यूनतम शेष या बैलेंस नहीं रखने पर यह राशि जुर्माने के रूप में वसूली है। एसबीआई के बचत खाताधारकों की संख्या 40.5 करोड़ है। एसबीआई ने करीब छह साल बाद 1 अप्रैल, 2017 से मासिक औसत शेष (एमएबी) शुल्क को फिर से लागू किया है।

जिन अन्य बैंकों ने ग्राहकों से 50 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला है उनमें सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, आईडीबीआई बैंक और इंडियन बैंक शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि एसबीआई का जुलाई-सितंबर तिमाही का शुद्ध लाभ 1,581.55 करोड़ रुपये रहा है जो उसके द्वारा वसूले गए जुर्माने से कम है।